राजधानी भोपाल में दस दिनों तक चले गणेशोत्सव के पावन महापर्व का उल्लास शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर अपने चरम पर पहुंच गया है। “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के गगनभेदी जयकारों, ढोल-ताशों की गूंज और गुलाल के सतरंगी बादलों के बीच श्रद्धालु अपने प्रिय विघ्नहर्ता को भावभीनी विदाई दे रहे हैं। सुबह से ही शहर के विभिन्न गणेश पंडालों और घरों से बप्पा की प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ विसर्जन स्थलों की ओर ले जाने का सिलसिला अनवरत जारी है।
वहीं, राजधानी का मुख्य आकर्षण माने जाने वाले ‘भव्य झांकी चल समारोह’ (Grand Tableaux Procession) की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जो शाम ढलते ही पुराने शहर और प्रमुख मार्गों से निकलेगा और रातभर अपनी अद्भुत रोशनी व धार्मिक-सामाजिक झांकियों से शहरवासियों को मंत्रमुग्ध करेगा।
सात प्रमुख विसर्जन घाटों पर नगर निगम और पुलिस के पुख्ता इंतजाम
भोपाल नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने विसर्जन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सात प्रमुख घाटों पर व्यापक प्रबंध किए हैं:
- प्रमुख विसर्जन स्थल: प्रेमपुरा घाट (बड़ा तालाब), खटलापुरा घाट, रानी कमलापति घाट, शाहपुरा झील, हथाईखेड़ा डैम, मालीखेड़ी और बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) घाटों पर मुख्य रूप से विसर्जन किया जा रहा है।
- भारी क्रेन और पोकलेन मशीनें: बड़ी और भारी प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए सभी प्रमुख घाटों पर 13 विशाल हाइड्रोलिक क्रेन और 12 पोकलेन मशीनें तैनात की गई हैं, ताकि प्रतिमाओं को गहरे पानी में ससम्मान उतारा जा सके।
- गोताखोर और जल सुरक्षा: सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए 184 प्रशिक्षित गोताखोर (Divers), 98 फायरकर्मी, मोटर बोट्स, लाइफ जैकेट और रेस्क्यू ट्यूब के साथ घाटों पर मुस्तैद हैं। आम श्रद्धालुओं के गहरे पानी में उतरने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
- पर्यावरण संरक्षण और अस्थाई कुंड: प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) और रासायनिक रंगों से जलीय जीवन को बचाने के लिए छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन हेतु घाटों के समीप विशेष कृत्रिम विसर्जन कुंड बनाए गए हैं।
शाम को निकलेगा भव्य चल समारोह: अखाड़े और झांकियां रहेंगी आकर्षण
भोपाल में अनंत चतुर्दशी पर निकलने वाला पारंपरिक चल समारोह ऐतिहासिक महत्व रखता है:
- रूट और झांकियों का काफिला: शाम को भारत टॉकीज, जुमेराती, जनकपुरी, मारवाड़ी रोड, सोमवारा और पीरगेट होते हुए निकलने वाले इस चल समारोह में दर्जनों भव्य व चलित झांकियां शामिल होंगी।
- अखाड़ों का शौर्य प्रदर्शन: विसर्जन यात्रा में शहर के प्रसिद्ध व्यायामशालाओं और अखाड़ों के उस्ताद व युवा तलवारबाजी, लाठी-डंडे और पारंपरिक युद्धकलाओं के करतब दिखाते हुए चलेंगे।
- रोशनी से जगमगाया रूट: चल समारोह मार्ग और घाटों पर 1,600 से अधिक एलईडी फ्लड लाइट्स और विशेष प्रकाश व्यवस्था की गई है, ताकि देर रात तक चलने वाले समारोह में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
चल समारोह और घाटों पर उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को देखते हुए भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर वैकल्पिक रूट निर्धारित किए हैं:
- पॉलीटेक्निक चौराहा, डिपो चौराहा, भारत टॉकीज और पुराने भोपाल के अंदरूनी मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
- ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए संवेदनशील इलाकों और जुलूस मार्ग पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
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यह वीडियो दर्शाता है कि कैसे भोपाल में गणेशोत्सव के दौरान पंडालों में स्थापित झांकियां और प्रतिमाएं शहर की गहरी सांस्कृतिक विरासत और जनआस्था को जीवंत रूप में प्रकट करती हैं।












