छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड में शुक्रवार को 14वें ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस प्रतिष्ठित औद्योगिक मेले (18 से 20 सितंबर 2026) का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। लघु उद्योग भारती और उद्योग विभाग के सहयोग से आयोजित इस औद्योगिक महाकुंभ में देशभर के 300 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), स्टार्टअप्स और बड़े औद्योगिक घरानों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई है।
मेले के शुभारंभ अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन समेत कई प्रमुख उद्योगपति और नीति-निर्माता उपस्थित रहे।
उद्घाटन पर CM साय का बड़ा ऐलान: 33 जिलों में बनेंगे उद्यमिता विकास केंद्र
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में उद्योग और नवाचार को गति देने के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की:
- सभी 33 जिलों में उद्यमिता केंद्र: युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और नए उद्योग शुरू करने के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र (Entrepreneurship Development Centres) स्थापित किए जाएंगे।
- 100 टेक लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से 100 हाई-टेक लैब्स और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार किए जाएंगे।
- प्लग एंड प्ले सुविधाएं: नए उद्यमियों को त्वरित गति से कार्य शुरू करने के लिए रेडी-टू-यूज शेड्स (Plug and Play Infrastructure) उपलब्ध कराए जाएंगे।
- सिंगल विंडो सिस्टम: प्रदेश की ‘नई औद्योगिक नीति 2024-30’ के तहत निवेश, लाइसेंस और स्वीकृतियों को पूरी तरह डिजिटल और झंझट-मुक्त बनाने के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
300 से अधिक स्टॉल्स पर आधुनिक तकनीकों और मशीनरी का प्रदर्शन
औद्योगिक मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से आए उद्यमियों ने अपने उत्पादों का सजीव प्रदर्शन (Live Demo) किया है:
- ग्रीन एनर्जी और ऑटोमेशन: सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, पैकेजिंग मशीनरी, सीएनसी मशीन्स, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन से जुड़े आधुनिक उपकरणों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।
- एआई और रक्षा उत्पाद: पहली बार मेले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंडस्ट्रियल टूल्स और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े प्रोटोटाइप्स भी आकर्षण का केंद्र बने हैं।
- लोकल से वोकल: बस्तर और सरगुजा अंचल के वनोपज आधारित लघु उद्योगों और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए विशेष जोन तैयार किए गए हैं।
B2B संवाद और युवाओं के लिए वॉक-इन जॉब प्लेसमेंट
आयोजकों के अनुसार, यह फेयर केवल उत्पाद प्रदर्शनी तक सीमित न होकर व्यावहारिक कारोबारी विस्तार का मंच है:
- बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मीटिंग्स: तीन दिनों में बड़े खरीदारों, सरकारी उपक्रमों और स्थानीय MSME उत्पादकों के बीच सैकड़ों B2B बैठकें निर्धारित हैं, जिससे छोटे उद्यमियों को सीधे सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट मिल सकें।
- जॉब प्लेसमेंट ड्राइव: मेले के अंतर्गत इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के छात्रों के लिए ऑन-द-स्पॉट इंटरव्यू और जॉब प्लेसमेंट की सुविधा रखी गई है, जहां प्रतिभागी कंपनियां युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने जानकारी दी कि राज्य सरकार के निवेश-अनुकूल माहौल के चलते अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर कार्य चल रहा है, जिससे लघु उद्योग क्षेत्र में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार सृजित होंगे।
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