मेटा (Meta) के स्वामित्व वाले लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप (WhatsApp) के लाखों यूजर्स को सोमवार (3 अगस्त) शाम एक बड़े तकनीकी झटके का सामना करना पड़ा। कंपनी ने बिना किसी पूर्व चेतावनी या नोटिस के भारत सहित कई देशों में बड़ी संख्या में व्हाट्सऐप अकाउंट्स को अचानक ‘अंडर रिव्यू’ (Under Review) श्रेणी में डाल दिया और 24 घंटे के लिए ऐप के सभी फीचर्स पर अस्थायी रोक लगा दी।
अकाउंट रिव्यू में चले जाने के कारण प्रभावित यूजर्स न तो मैसेज भेज पा रहे थे और न ही ऑडियो/वीडियो कॉल कर पा रहे थे, जिससे सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा।
📱 स्क्रीन पर दिखा यह मैसेज, बंद हुए सभी फीचर्स
सोमवार शाम लगभग 8 बजे (IST) अचानक हजारों यूजर्स की ऐप स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज दिखाई देने लगा:
“Account in review. Date requested: 3 Aug 2026. Your account activity and device info is being checked to make sure it follows our terms of service. We will notify you of the result typically within 24 hours.”
इस मैसेज का अर्थ था कि यूजर की अकाउंट गतिविधियों और डिवाइस की जानकारी की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सेवा की शर्तों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है। जांच प्रक्रिया पूरी होने तक यूजर्स को ऐप से पूरी तरह बेदखल कर दिया गया।
🔥 सोशल मीडिया पर फूटा यूजर्स का गुस्सा
अचानक अकाउंट्स ब्लॉक होने और काम प्रभावित होने के बाद प्रभावित यूजर्स ने एक्स (ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शिकायतों की बाढ़ ला दी:
- काम-काज प्रभावित: कई प्रोफेशनल और बिजनेस यूजर्स ने शिकायत की कि बिना किसी गलती या स्पैम के उनके आधिकारिक अकाउंट बंद कर दिए गए, जिससे उनका दैनिक व्यावसायिक संवाद पूरी तरह ठप हो गया।
- गलत फ्लैगिंग का आरोप: यूजर्स ने दावा किया कि वे केवल आधिकारिक व्हाट्सऐप ऐप का उपयोग कर रहे थे और किसी तृतीय-पक्ष (Third-party) या अनधिकृत ऐप का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे, फिर भी ऑटोमेटेड बोट्स ने उन्हें ब्लॉक कर दिया।
मेटा/व्हाट्सऐप की सफाई: “स्वचालित सिस्टम से हुई गलती”
मामले पर विवाद बढ़ने के बाद व्हाट्सऐप के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर स्वीकार किया कि ऑटोमेटेड स्पैम पहचान प्रणाली से चूक हुई है:
- कंपनी का बयान:“हम अपने प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने वालों को रोकने और बाकी यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए लगातार अपने ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कभी-कभी हमारी प्रणाली से गलती (False Flag) हो जाती है। जब ऐसा होता है, तो हम प्रभावित अकाउंट्स को जल्द से जल्द बहाल (Restore) करने का काम करते हैं।”
व्हाट्सऐप ने स्पष्ट किया कि प्रभावित लीगल अकाउंट्स की पहचान कर उनकी सेवा तेजी से बहाल की जा रही है। हालांकि, कंपनी ने यह खुलासा नहीं किया कि इस ग्लिच से भारत और दुनिया भर में कुल कितने लाख यूजर्स प्रभावित हुए हैं।












