वरिष्ठ पत्रकार और मौसम विशेषज्ञ दिनेश सोलंकी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मानसूनी द्रोणिका और बंगाल की खाड़ी व अरब सागर में बने मजबूत मौसमी सिस्टम के चलते देश के एक बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज काफी आक्रामक हो गया है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर सहित मालवा-निमाड़ और महाकोशल अंचल में तेज हवाओं और कड़कड़ाती बिजली के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। इसके साथ ही चक्रवाती तूफान (‘डॉल्फिन’ सिस्टम) के प्रभाव से समुद्र तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है।
🌧️ मध्य प्रदेश का मौसम: इंदौर-भोपाल में भारी बारिश का दौर
दिनेश सोलंकी के विश्लेषण के मुताबिक:
- इंदौर और भोपाल संभाग: इंदौर, भोपाल, उज्जैन, देवास, धार और रायसेन जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कहीं मध्यम तो कहीं अति भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) की संभावना बनी हुई है।
- निचले इलाकों में जलभराव: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते प्रमुख नदी-नाले उफान पर हैं और शहरी व ग्रामीण इलाकों के जलभराव वाले क्षेत्रों में पुलिस व प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
🌩️ उत्तर भारत व अन्य राज्यों में बारिश का अलर्ट
- उत्तर प्रदेश (UP): पश्चिमी और पूर्वी यूपी के जिलों में मानसून की सक्रियता से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
- दिल्ली-एनसीआर: दिल्ली और आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है।
- उत्तराखंड: पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में भूस्खलन (Landslide) और संवेदनशील रास्तों पर भारी बारिश को देखते हुए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- ओडिशा: तटीय ओडिशा में चक्रवाती हवाओं के दबाव के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तेज बारिश दर्ज की जा रही है।
🌀 चक्रवाती तूफान का असर और सतर्कता
मौसम विशेषज्ञ दिनेश सोलंकी ने बताया कि चक्रवाती सिस्टम के कारण तटीय और मैदानी भागों में हवा की रफ्तार 50 से 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मछुआरों को समुद्र में न जाने और आम जनता को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।












