वर्ष 2028 में धर्मनगरी उज्जैन में आयोजित होने वाले भव्य सिंहस्थ महाकुंभ (Simhastha 2028) को सुरक्षित, सुगम और व्यवधानमुक्त बनाने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन ने दो वर्ष पूर्व ही व्यापक योजना तैयार कर ली है। भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) तथा उज्जैन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ब्लूप्रिंट (Action Plan) तैयार किया गया है।
महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से आने वाले अनुमानित 10 से 12 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 80 अस्थाई पुलिस थाने बनाए जाएंगे और 62,000 से अधिक पुलिस अधिकारी व जवान तैनात किए जाएंगे।
सुरक्षा योजना के 5 प्रमुख स्तंभ (Key Highlights):
- 80 अस्थाई थाने और 200 से अधिक पुलिस चौकियां:
- संपूर्ण शिप्रा तट, दत्त अखाड़ा, महाकाल मंदिर परिसर, सैटेलाइट टाउनशिप और बाहरी पार्किंग स्थलों को 10 से अधिक सुरक्षा जोन्स (Zones) और दर्जनों सेक्टरों में बांटा जाएगा।
- हर सेक्टर की निगरानी के लिए अलग अस्थाई थाना कार्यरत रहेगा।
- 62,000 पुलिसकर्मियों का विशाल बल:
- मध्य प्रदेश पुलिस बल के अलावा एसएएफ (SAF), होमगार्ड, आरपीएफ (RPF), केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CRPF/BSF) और एनडीआरएफ/एसडीआरएफ (NDRF/SDRF) की टुकड़ियां तैनात रहेंगी।
- भीड़ को संभालने के लिए महिला पुलिसकर्मियों और सादे कपड़ों में इंटेलिजेंस टीमों की विशेष तैनाती होगी।
- मास्टर ट्रेनर्स द्वारा विशेष प्रशिक्षण:
- आयोजन से पूर्व अधिकारियों और जवानों को क्राउड कंट्रोल, आपातकालीन निकासी, श्रद्धालुओं से नम्र व्यवहार और मानसिक संतुलन बनाए रखने का 21-दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- प्रशिक्षण पाने वाले 117 मास्टर ट्रेनर प्रदेश भर के पुलिसकर्मियों को गाइड करेंगे।
- एआई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल:
- मेला क्षेत्र में एआई-आधारित सीसीटीवी (AI CCTV Cameras) कैमरों का जाल बिछाया जाएगा जो क्राउड डेंसिटी (भीड़ के घनत्व) और फेशियल रिकग्निशन पर रियल-टाइम अलर्ट जारी करेंगे।
- ड्रोन सर्विलांस, इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) और एंटी-ड्रोन गन से पूरे 3,000 हेक्टेयर से अधिक मेला क्षेत्र की निगरानी होगी।
- ट्रैफिक डायवर्जन और सैटेलाइट टाउन:
- उज्जैन शहर के बाहर 5 प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भव्य सैटेलाइट टाउनशिप बनाई जाएगी, जहाँ से श्रद्धालुओं को शटल बसों के माध्यम से ही आगे भेजा जाएगा ताकि मुख्य शहर में जाम की स्थिति न बने।
सफल आयोजन का संकल्प
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 2016 के सिंहस्थ की तुलना में 2028 में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीकों पर समय रहते काम शुरू कर दिया गया है।












