भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा और अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए प्रयोग कर रहा है। इसी कड़ी में अब वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में स्थानीय व्यंजन परोसने का फैसला लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को सिर्फ तेज और आरामदायक यात्रा ही नहीं, बल्कि उस क्षेत्र की सांस्कृतिक और खानपान की झलक भी देना है।
नई व्यवस्था के तहत, जिस राज्य या क्षेत्र से वंदे भारत ट्रेन गुजरती है, वहां के प्रसिद्ध और पारंपरिक व्यंजन यात्रियों को भोजन में उपलब्ध कराए जाएंगे। उदाहरण के तौर पर, मध्यप्रदेश से गुजरने वाली ट्रेनों में पोहा-जलेबी, दक्षिण भारत रूट की ट्रेनों में इडली-सांभर या डोसा, वहीं उत्तर भारत के मार्गों पर पराठा, कढ़ी या स्थानीय थाली जैसी चीजें शामिल की जा सकती हैं।
रेलवे ने साफ किया है कि यह योजना फिलहाल वंदे भारत ट्रेनों से शुरू की जा रही है, लेकिन इसका दायरा यहीं सीमित नहीं रहेगा। यात्रियों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर इसे धीरे-धीरे अन्य मेल, एक्सप्रेस और लंबी दूरी की ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से न सिर्फ यात्रियों का सफर यादगार बनेगा, बल्कि स्थानीय खानपान, छोटे व्यवसायों और क्षेत्रीय पहचान को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
यात्रियों में इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि ट्रेन यात्रा के दौरान स्थानीय स्वाद मिलने से यात्रा का अनुभव और भी खास हो जाएगा। कुल मिलाकर, रेलवे का यह कदम “सिर्फ सफर नहीं, अनुभव” देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।















