मध्यप्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी उज्जैन को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। यहां स्थित 150 साल पुराना उज्जैन रेलवे स्टेशन अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। भारतीय रेलवे ने स्टेशन को राष्ट्रीय अवॉर्ड से नवाजा है, जिससे पूरे प्रदेश को गौरव महसूस हो रहा है।
उज्जैन रेलवे स्टेशन केवल एक यातायात केंद्र नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और सिंहस्थ कुंभ के कारण हर वर्ष लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में स्टेशन की स्वच्छता, सुव्यवस्थित संचालन और यात्रियों को दी जा रही सुविधाओं की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, उज्जैन स्टेशन को यह सम्मान बेहतर यात्री सुविधाएं, स्वच्छता, डिजिटल व्यवस्थाएं, दिव्यांग-अनुकूल ढांचा और विरासत संरक्षण के लिए दिया गया है। स्टेशन पर साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना बोर्ड और सुगम टिकट व्यवस्था ने यात्रियों का अनुभव बेहतर बनाया है।
ब्रिटिश काल में स्थापित यह स्टेशन समय के साथ आधुनिक जरूर हुआ, लेकिन इसकी ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखा गया है। यही संतुलन—परंपरा और आधुनिकता—इस अवॉर्ड की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
इस उपलब्धि से न सिर्फ रेलवे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि उज्जैन के पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी नई पहचान मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में उज्जैन स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में और विकसित किया जा सकता है।

















