दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख को छठी अनुसूची (6th Schedule) में शामिल करने और संवैधानिक सुरक्षा की मांगों को लेकर पिछले 19 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे प्रख्यात पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। लगातार गिरते स्वास्थ्य और मेडिकल बुलेटिन में आई गंभीर चिंताओं के बाद, दिल्ली पुलिस और प्रशासनिक अमले ने भारी पुलिस बल के साथ अनशन स्थल पर पहुंचकर बड़ा एक्शन लिया है।
सोनम वांगचुक को पुलिस और डॉक्टरों की टीम जबरन एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली के एक प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल (संभावित तौर पर आरएमएल या एम्स) ले गई है। इसके साथ ही पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर मौजूद अन्य लद्दाखी प्रदर्शनकारियों और समर्थकों को भी मौके से हटाना शुरू कर दिया है।
19वें दिन प्रशासन की सख्ती; डॉक्टरों की अंतिम चेतावनी के बाद लिया गया एक्शन
कल ही डॉक्टरों की विशेष टीम ने सोनम वांगचुक का मेडिकल बुलेटिन जारी कर उनके तेजी से घटते वजन (6 किलो से अधिक) और ब्लड शुगर के खतरनाक स्तर पर पहुंचने की चेतावनी दी थी।
- अस्पताल जाने से कर रहे थे इनकार: गंभीर हालत के बावजूद वांगचुक ने स्वेच्छा से आईसीयू (ICU) में भर्ती होने या कोई भी चिकित्सा सहायता लेने से साफ मना कर दिया था। उनका रुख था कि जब तक गृह मंत्रालय वार्ता की ठोस तारीख तय नहीं करता, वे डटे रहेंगे।
- पुलिस की आपातकालीन कार्रवाई: आज दोपहर जैसे ही वांगचुक की शारीरिक स्थिति और नाजुक हुई, दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने कानूनन ‘जीवन रक्षा’ (Right to Life) को प्राथमिकता देते हुए मजिस्ट्रेट के आदेश पर उन्हें हिरासत जैसी स्थिति में एम्बुलेंस में शिफ्ट कर दिया।
जंतर-मंतर पर तनाव: तंबू उखाड़े गए, समर्थक हिरासत में
सोनम वांगचुक को ले जाए जाने के दौरान मौके पर मौजूद लद्दाखी युवाओं और दिल्ली के विभिन्न छात्र संगठनों ने पुलिसिया कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और नारेबाजी शुरू कर दी।
- सुरक्षा घेरा मजबूत: दिल्ली पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जंतर-मंतर रोड को पूरी तरह बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया है और अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) की तैनाती कर दी है।
- प्रदर्शनकारियों की धरपकड़: पुलिस ने अनशन स्थल पर लगाए गए अस्थायी टेंट और बैनरों को हटा दिया है। विरोध कर रहे दर्जनों प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर हिरासत में लिया गया है और उन्हें दिल्ली के अलग-अलग थानों में ले जाया जा रहा है।
विपक्ष भड़का, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से जबरन हटाए जाने और अस्पताल में भर्ती कराए जाने की खबर आग की तरह फैल गई है। विपक्षी नेताओं ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ और गांधीवादी आंदोलन को कुचलने की सरकार की दमनकारी नीति करार दिया है। लद्दाख के स्थानीय संगठनों ने दिल्ली पुलिस के इस एक्शन पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि सोनम वांगचुक को भले ही शारीरिक रूप से हटा दिया गया हो, लेकिन लद्दाख के हक की यह आवाज अब अस्पताल के भीतर से भी गूंजती रहेगी।
फिलहाल, अस्पताल परिसर के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जहां डॉक्टरों की टीम वांगचुक को ड्रिप चढ़ाने और उनकी स्थिति को स्थिर करने के प्रयास में जुटी है।












