भारत की विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से आगामी सप्ताह बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है। महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक तीन महत्वपूर्ण पूर्वी यूरोपीय देशों—मोल्दोवा (Moldova), उत्तर मैसेडोनिया (North Macedonia) और रोमानिया (Romania) के राजकीय दौरे (State Visits) पर रवाना हो रही हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सात दिवसीय इस दौरे का उद्देश्य मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय, व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाना है।
इस दौरे की सबसे खास बात यह है कि यह कूटनीतिक रूप से कई ऐतिहासिक मील के पत्थर स्थापित करेगा, जिसमें दो देशों की पहली बार कोई भारतीय राष्ट्रपति यात्रा कर रहा है।
दौरे का पूरा शेड्यूल: कहाँ-कहाँ होंगी महामहिम की बैठकें?
यह दौरा तीन चरणों में विभाजित होगा, जहां राष्ट्रपति विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर द्विपक्षीय चर्चा करेंगी:
- 1. मोल्दोवा (20 जुलाई): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दौरे के पहले चरण में 20 जुलाई को मोल्दोवा पहुंचेंगी। यह भारत के इतिहास में पहला मौका है जब कोई भारतीय राष्ट्रपति मोल्दोवा की आधिकारिक यात्रा पर जा रहा है। यहां वे मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू (Maia Sandu) के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी।
- 2. उत्तर मैसेडोनिया (21–22 जुलाई): 21 और 22 जुलाई को राष्ट्रपति मुर्मू उत्तर मैसेडोनिया के दौरे पर रहेंगी। मोल्दोवा की तरह ही, उत्तर मैसेडोनिया के इतिहास में भी यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। यहां वे राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोवस्का-दवाकोवा (Gordana Siljanovska-Davkova) और प्रधानमंत्री क्रिस्टिजन मिकोस्की से मुलाकात करेंगी।
- 3. रोमानिया (23–25 जुलाई): दौरे के अंतिम चरण में राष्ट्रपति 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया में रहेंगी। यह यात्रा रणनीतिक रूप से बेहद खास है, क्योंकि लगभग तीन दशकों (32 वर्ष) के लंबे अंतराल के बाद कोई भारतीय राष्ट्रपति रोमानिया का दौरा कर रहा है (इससे पहले 1994 में यह यात्रा हुई थी)। यहां वे रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर दान (Nicușor Dan) और कार्यवाहक प्रधानमंत्री इली बोलोजन से मुलाकात करेंगी.
इन क्षेत्रों में ‘अहम समझौतों’ और ट्रेड पैक्ट्स पर रहेगी नजर
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के अनुसार, पूर्वी यूरोप के ये तीनों देश एशिया और यूरोप के बीच सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) को मजबूत करने के लिए एक ‘प्राकृतिक पारगमन गलियारे’ (Natural Transit Corridor) के रूप में कार्य करते हैं। इस यात्रा के दौरान मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है:
- कृषि और स्वास्थ्य (Healthcare): भारत और इन देशों के बीच उन्नत कृषि तकनीकों, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के आदान-प्रदान पर विशेष फोकस रहेगा।
- फार्मास्यूटिकल्स (दवाइयाँ): भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए पूर्वी यूरोप एक बड़ा बाजार है। इस क्षेत्र में व्यापारिक बाधाओं को दूर करने पर सहमति बन सकती है।
- सूचना प्रौद्योगिकी (IT & S) और विज्ञान: डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सायबर सुरक्षा और आईटी सेवाओं में भारत की विशेषज्ञता का लाभ इन देशों को देने के लिए तकनीकी समझौतों की रूपरेखा तैयार है।
- भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता (India-EU FTA): रोमानिया यूरोपीय संघ (EU) का एक मूल्यवान सदस्य है। भारत और ईयू के बीच आगामी मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में इस द्विपक्षीय मुलाकात को एक मजबूत आधार माना जा रहा है।
सांस्कृतिक जुड़ाव और भारतीय समुदाय से संवाद
अपनी राजनीतिक और व्यावसायिक व्यस्तताओं के अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन तीनों देशों में ‘बिजनेस फोरम’ (Business Forum) को संबोधित करेंगी और वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों (Indian Diaspora) व छात्रों से भी सीधा संवाद करेंगी। विशेष रूप से मोल्दोवा में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मेडिकल (चिकित्सा) की पढ़ाई कर रहे हैं, जिनके लिए राष्ट्रपति की यह यात्रा एक नया भरोसा लेकर आएगी।
कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महामहिम राष्ट्रपति का यह दौरा वैश्विक पटल पर भारत की ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) और पूर्वी यूरोप के बीच एक मजबूत सेतु (Bridge) के रूप में उभरती भूमिका को और अधिक रेखांकित करेगा।












