बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। 7 फरवरी 2026 को भाजपा की रितु तावड़े का निर्विरोध मुंबई की अगली मेयर और शिवसेना (शिंदे गुट) के संजय घाडी का डिप्टी मेयर बनना तय हो गया है। 25 साल बाद यह पहली बार है जब शिवसेना (ठाकरे परिवार) का देश की सबसे अमीर नगर निकाय से नियंत्रण खत्म हुआ है।
यहाँ इस बड़ी राजनीतिक नियुक्ति का पूरा विवरण दिया गया है:
मुंबई नगर निगम: नई कमान
| पद | नाम | पार्टी | विवरण |
| मेयर (Mayor) | रितु तावड़े | भाजपा (BJP) | घाटकोपर से पार्षद, पूर्व शिक्षा समिति अध्यक्ष। |
| डिप्टी मेयर | संजय घाडी | शिवसेना (शिंदे) | वार्ड नं. 5 के पार्षद, अनुभवी नेता। |
मुंबई की राजनीति में यह बदलाव पिछले 4 दशकों में भाजपा की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
1. 44 साल बाद भाजपा का मेयर: भाजपा ने आखिरी बार 1982-83 में प्रभाकर पाई के रूप में मुंबई का मेयर दिया था। अब रितु तावड़े के नामांकन के साथ, पार्टी ने 44 साल बाद इस पद पर वापसी की है। शिवसेना (UBT) द्वारा अपना उम्मीदवार न उतारने के फैसले के बाद उनका चुना जाना अब केवल एक औपचारिकता मात्र रह गया है।
2. रितु तावड़े का कद: रितु तावड़े घाटकोपर (वार्ड संख्या 132) से वरिष्ठ पार्षद हैं। वे पहले कांग्रेस में थीं, लेकिन 2012 में भाजपा में शामिल हुईं। वे बीएमसी की शक्तिशाली शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उन्हें मराठी भाषी चेहरा होने और प्रशासनिक अनुभव के कारण इस पद के लिए चुना गया है।
3. शिंदे गुट का डिप्टी मेयर: शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के संजय शंकर घाडी को डिप्टी मेयर नियुक्त किया गया है। वे 15 महीने के कार्यकाल के लिए इस पद पर रहेंगे। शिंदे गुट ने अपना समर्थन भाजपा को दिया, जिससे ‘महायुति’ गठबंधन ने 114 के जादुई आंकड़े को आसानी से पार कर लिया (भाजपा: 89, शिवसेना शिंदे: 29)।
4. ठाकरे परिवार का गढ़ ढहा: शिवसेना (अविभाजित) ने 1997 से 2022 तक लगातार बीएमसी पर राज किया था। चुनाव में देरी और पार्टी में टूट के बाद, यह पहली बार है जब मेयर का बंगला मातोश्री (ठाकरे निवास) के प्रभाव से बाहर होगा।
















