राजधानी के प्रेस क्लब में पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया गया। दिन भर की भागदौड़ और तनावपूर्ण कार्यशैली के बीच जब पत्रकारों को अपनी सेहत की सटीक रिपोर्ट मिली, तो उनके चेहरों पर राहत की मुस्कान तैर गई। विशेष रूप से अधिकांश सदस्यों का ब्लड प्रेशर (BP) और शुगर लेवल नियंत्रण में पाया गया।
यहाँ स्वास्थ्य शिविर की प्रमुख झलकियाँ और डॉक्टरों की सलाह दी गई है:
| विशेषता | विवरण (Details) |
| आयोजन स्थल | प्रेस क्लब सभागार |
| सहयोगी संस्थान | प्रमुख मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल एवं डायग्नोस्टिक सेंटर |
| प्रमुख जांचें | बीपी, शुगर, ईसीजी (ECG), कोलेस्ट्रॉल, और आंखों की जांच |
| कुल लाभार्थी | 150 से अधिक पत्रकार और उनके परिवार |
पत्रकारिता के क्षेत्र में अनियमित खान-पान और नींद की कमी के कारण अक्सर पत्रकार हाइपरटेंशन (बीपी) और मधुमेह (शुगर) की चपेट में आ जाते हैं। लेकिन इस कैंप के परिणाम काफी उत्साहजनक रहे।
कैंप की मुख्य बातें:
- रिपोर्ट्स में राहत: जांच के दौरान पाया गया कि करीब 80% पत्रकारों का शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर सामान्य सीमा के भीतर था। अपनी रिपोर्ट नॉर्मल देखकर कई वरिष्ठ पत्रकारों ने चुटकी लेते हुए कहा, “खबरों का प्रेशर तो बहुत है, लेकिन शरीर ने अभी हार नहीं मानी है।”
- विशेषज्ञ परामर्श: कैंप में मौजूद हृदय रोग विशेषज्ञों और फिजिशियन ने पत्रकारों को व्यक्तिगत परामर्श दिया। डॉक्टरों ने इस बात पर खुशी जताई कि अब मीडिया जगत के लोग अपनी डाइट और वर्कआउट को लेकर जागरूक हो रहे हैं।
- आंखों और हड्डियों की जांच: डिजिटल स्क्रीन पर लंबे समय तक काम करने के कारण कई सदस्यों को ‘कंप्यूटर विजन सिंड्रोम’ की शिकायत मिली, जिसके लिए उन्हें विशेष आई-ड्रॉप्स और एक्सरसाइज की सलाह दी गई। वहीं, कैल्शियम की कमी वाले सदस्यों को बोन डेंसिटी टेस्ट के बाद जरूरी दवाएं दी गईं।
- तनाव प्रबंधन (Stress Management): कार्यक्रम के अंत में एक छोटा सत्र ‘मेंटल हेल्थ’ पर भी रखा गया, जिसमें बताया गया कि कैसे खबरें कवर करते समय अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए।
स्वस्थ पत्रकारिता के लिए डॉक्टरों के ‘5 मंत्र’
- पानी का भरपूर सेवन: फील्ड पर रहने के दौरान हाइड्रेटेड रहें।
- 7 घंटे की नींद: डेस्क जॉब हो या रिपोर्टिंग, दिमाग को आराम देना जरूरी है।
- नियमित वॉक: दिन में कम से कम 30 मिनट पैदल चलें।
- शुगर/नमक पर नियंत्रण: चाय और कैफीन का सेवन सीमित करें।
- नियमित चेकअप: साल में कम से कम एक बार पूरी बॉडी की जांच जरूर कराएं।
















