देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) को लेकर एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट यूजी की पुनः परीक्षा (Re-Exam) आगामी 21 जून को आयोजित की जा रही है। मध्य प्रदेश में इस परीक्षा के सुचारु, पारदर्शी और शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी सिलसिले में प्रदेश के मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों (SPs) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और गोपनीयता पर रहेगा विशेष फोकस मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों के परिवहन, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और केंद्रों तक उनके वितरण की पूरी प्रक्रिया की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया है।
छात्रों की सुविधा के लिए बनेंगे हेल्प डेस्क गर्मियों के मौसम और परीक्षा के तनाव को देखते हुए मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स को केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, ओआरएस (ORS) घोल, पर्याप्त छाया और मेडिकल इमरजेंसी की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा, बाहर से आने वाले छात्र-छात्राओं की सहायता के लिए प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर ‘नीट हेल्प डेस्क’ (Help Desk) भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गड़बड़ी करने वालों पर रासुका (NSA) जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

















