मध्य प्रदेश (MP) में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से 18 और 19 फरवरी 2026 को प्रदेश के 15 जिलों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर-पश्चिम भारत में बादलों की सक्रियता के कारण ग्वालियर-चंबल संभाग में इसका सबसे अधिक असर दिखने की संभावना है।
यहाँ आज (17 फरवरी) की मौसम रिपोर्ट और आगामी पूर्वानुमान का विवरण दिया गया है:
मध्य प्रदेश: बारिश और आंधी का अलर्ट (18-19 फरवरी)
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक तीव्र सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है, जो धीरे-धीरे मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है।
| प्रभावित क्षेत्र | जिलों के नाम | अलर्ट का प्रकार |
| ग्वालियर-चंबल संभाग | ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर | गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश |
| सागर व उज्जैन संभाग | निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, आगर-मालवा | हल्की से मध्यम बौछारें |
मुख्य प्रभाव: 18 फरवरी को इन जिलों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
तापमान: बारिश से पहले न्यूनतम तापमान में 2-3°C की वृद्धि हो सकती है, लेकिन 19 फरवरी के बाद हल्की ठंडक फिर लौट सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत की स्थिति
भारत के उत्तर-पश्चिम हिस्से (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान) में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और पश्चिमी विक्षोभ का ट्रफ सक्रिय है।
- इस प्रणाली के कारण पहाड़ों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल) में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बादलों का चक्राकार जमाव देखा जा रहा है।
- राजस्थान के सीमावर्ती जिलों (श्रीगंगानगर, बीकानेर) में आज शाम से ही बूंदाबांदी शुरू होने के आसार हैं।
भोपाल-इंदौर का हाल
राजधानी भोपाल और इंदौर में आज (17 फरवरी) दिन भर धूप खिली रहेगी और मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि, शाम तक बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है। खंडवा में गर्मी का असर बना हुआ है, जहाँ तापमान 34°C के आसपास रिकॉर्ड किया गया है।

















