मध्य प्रदेश की सियासत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग को लेकर एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी की राजनीतिक और सामाजिक छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर एक फर्जी और एआई-जनरेटेड पोस्टर (Fake AI-Generated Poster) वायरल किए जाने का मामला सामने आया है। इस सुनियोजित दुष्प्रचार के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए आज कांग्रेस के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर साइबर क्राइम विंग में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
दैनिक जागरण के नाम का दुरुपयोग; सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा भ्रम
कांग्रेस मीडिया विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर जो भ्रामक पोस्टर प्रसारित किया जा रहा है, उसमें प्रतिष्ठित समाचार पत्र ‘दैनिक जागरण’ के नाम, लोगो और पहचान का अवैध रूप से दुरुपयोग किया गया है। इस फर्जी ग्राफिक में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम से एक झूठा और विवादित कथन जोड़कर जनता को गुमराह करने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला और एक स्थापित राजनीतिक व्यक्तित्व को बदनाम करने की गहरी साजिश करार दिया है।
एडीजी साइबर साई मनोहर को सौंपा ज्ञापन; तीन मुख्य आरोपियों के नाम उजागर
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष श्री मुकेश नायक और पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG – साइबर क्राइम) श्री साई मनोहर से मिला। कांग्रेस ने उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और स्क्रीनशॉट्स के आधार पर तीन प्रमुख सोशल मीडिया हैंडलर्स की भूमिका को रेखांकित किया है:
- चिन्हित आरोपी: शिकायत में जितेंद्र प्रताप सिंह, अजय सेंगर एवं रवि गुर्जर नाम के व्यक्तियों द्वारा इस फर्जी पोस्टर के निर्माण और उसे अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर फॉरवर्ड व वायरल करने का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
- प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेता: इस दौरान भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, कुंदन पंजाबी, अवनीश बुंदेला, रोशनी यादव, प्रवीण धौलपुर, अभिनव बरोलिया, विक्रम चौधरी और जिला संगठन महासचिव अभिषेक शर्मा सहित कई प्रमुख कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
BNS और IT Act के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग
अहिल्या वाणी को मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने साइबर पुलिस से मांग की है कि इस मामले में नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की प्रासंगिक और गैर-जमानती धाराओं के तहत तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। मुकेश नायक ने कहा कि डिजिटल युग में राजनीतिक लाभ के लिए एआई (AI) टूल्स का ऐसा आपराधिक इस्तेमाल बेहद खतरनाक है। यदि साइबर पुलिस ने इन नामजद आरोपियों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर सख्त एक्शन नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी इस तकनीकी अपराध के खिलाफ पूरे प्रदेश में उग्र प्रदर्शन करेगी।












