मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान समान नागरिक संहिता (UCC) बिल और छात्र मुद्दों को लेकर विपक्ष के जोरदार हंगामे और धरने के बाद प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है। भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सदन के भीतर हर विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तत्पर और तैयार है, लेकिन कांग्रेस सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए सदन की गरिमा को तार-तार कर रही है।
“कांग्रेस के पास कोई तर्क नहीं, इसलिए भाग रही चर्चा से” — विश्वास सारंग
सदन में कल यूसीसी (UCC) बिल पर हुई कार्यवाही और विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने कहा:
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा: “हमारी सरकार हर समय और हर संवेदनशील विषय पर सदन के पटल पर स्वस्थ चर्चा के लिए तत्पर भी है और पूरी तरह तैयार भी है। लेकिन समस्या यह है कि कांग्रेस के पास UCC बिल के विरोध में कोई ठोस तथ्य (Facts) या तर्क ही नहीं हैं। यही वजह है कि कल जब यूसीसी बिल पर चर्चा होनी थी, तो कांग्रेस ने चर्चा में भाग लेने के बजाय सिर्फ हंगामा किया।”
“सदन के बाहर हंगामा और ‘फोटो अपॉर्चुनिटी’ लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं”
विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर कांग्रेस विधायकों और नेता प्रतिपक्ष के धरने पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सारंग ने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भूल चुका है:
- राजनीति चमकाने का प्रयास: मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अपनी खोई हुई राजनीति को चमकाने और केवल मीडिया में ‘फोटो अपॉर्चुनिटी’ (Photo Opportunity) पाने के लिए सदन के बाहर इस तरह का हंगामा करना लोकतंत्र में कहीं भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
- नियमों का पालन हो: उन्होंने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधियों को सदन की गरिमा और तय नियमों का पालन करना चाहिए। अगर विपक्ष के पास कोई सुझाव या विरोध है, तो उसे वेल में आकर गुंडागर्दी या बाहर धरना देने के बजाय सदन के पटल पर तथ्यपूर्वक रखना चाहिए।
सदन में बढ़ा सियासी तापमान
गौरतलब है कि एक तरफ जहाँ कांग्रेस विधायकों ने UCC और छात्रों के मुद्दों पर मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना दिया था, वहीं मंत्री विश्वास सारंग के इस तीखे बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।












