देश और प्रदेश में छात्रों की मांगों, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और युवाओं के मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ चौतरफा मोर्चा खोल दिया है। एक तरफ जहां नई दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में तमाम कांग्रेस विधायक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
विधानसभा सत्र के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय के ठीक बाहर नेता प्रतिपक्ष और विधायकों के इस अचानक धरने पर बैठ जाने से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
भोपाल: विधानसभा में CM कार्यालय के बाहर गूंजे छात्र हितों के नारे
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने हाथ में तख्तियां लेकर विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
- CM कार्यालय के बाहर धरना: प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस विधायक सीधे परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर पहुंच गए और वहीं फर्श पर बैठकर नारेबाजी करने लगे।
- प्रमुख मांगें: उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा से लेकर नर्सिंग घोटाले और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। इसके साथ ही छात्रवृत्ति (Scholarships) में देरी और युवाओं की बेरोजगारी पर सरकार कोई ठोस जवाब नहीं दे रही है।
- “जब तक सुनवाई नहीं, तब तक धरना”: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, “प्रदेश का युवा और छात्र आज सड़कों पर भटक रहा है और सरकार जश्न में डूबी है। हम छात्रों की न्यायसंगत मांगों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर बैठे हैं और जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती, हमारा विरोध जारी रहेगा।”
दिल्ली: राहुल गांधी ने संभाला मोर्चा, केंद्र सरकार पर बोला हमला
इसी बीच, नई दिल्ली में कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र संगठनों और युवाओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए संसद भवन के बाहर और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया:
- राहुल गांधी ने नीट (NEET), नेट (NET) और विभिन्न केंद्रीय भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली के खिलाफ केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।
- उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और कांग्रेस पार्टी छात्रों के हक की लड़ाई को संसद के भीतर और बाहर पूरी ताकत से लड़ेगी।
सुरक्षा बल अलर्ट, गरमाई प्रदेश की राजनीति
भोपाल में विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर कांग्रेस विधायकों के धरने को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने कांग्रेस के इस कदम को राजनीतिक नौटंकी करार दिया है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि यह युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई है।












