मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश के नागरिकों को इस समय ‘मौसम के डबल अटैक’ का सामना करना पड़ रहा है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विरोधाभासी स्थितियां बनी हुई हैं। जहां राजधानी भोपाल, इंदौर और मालवा-निमाड़ के कुछ हिस्सों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) दर्ज की गई है, वहीं ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के इलाकों में धूलभरी आंधी और भीषण गर्मी का दौर जारी है।
मालवा-निमाड़ में ओलावृष्टि और बारिश से तापमान गिरा मौसम केंद्र के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में दोपहर बाद अचानक घने बादल छा गए और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने लगीं। इंदौर, उज्जैन और धार के कुछ ग्रामीण अंचलों में बारिश के साथ चने के आकार के ओले भी गिरे हैं। इस अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है और दिन के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, खुले में रखी फसलों और आम के बगीचों को इस बेमौसम ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचने की आशंका है।
ग्वालियर और बुंदेलखंड में धूलभरी आंधी का तांडव, ऑरेंज अलर्ट जारी इसके विपरीत, प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच केवल तेज आंधी और धूल के गुबार देखने को मिल रहे हैं। ग्वालियर, छतरपुर और सागर संभाग में दोपहर के वक्त आसमान में धूल की मोटी चादर छा गई, जिससे दृश्यता (Visibility) काफी कम हो गई और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 24 घंटों के लिए प्रदेश के 18 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) एक्टिव होने की वजह से अगले दो-तीन दिनों तक प्रदेश में आंधी, चमक और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का यह सिलसिला इसी तरह जारी रहेगा।

















