मध्य प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र (Real Estate Sector) पर प्रशासनिक कसावट और घर खरीदारों (Home Buyers) के हितों की रक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और नगरीय विकास विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत, हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी को मध्य प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (MP RERA) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लंबे समय से इस महत्वपूर्ण नियामक संस्था के पूर्णकालिक अध्यक्ष का पद रिक्त चल रहा था, जिस पर अब एक विधिक विशेषज्ञ की तैनाती से लंबित मामलों के तेजी से निपटारे की उम्मीद जग गई है।
रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और ग्राहकों के भरोसे को मिलेगी मजबूती प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी की छवि एक बेहद ईमानदार, सख्त और कानून के मामलों में गहरी पकड़ रखने वाले जज के रूप में रही है। ‘रेरा’ (RERA) के अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति से बिल्डरों और कॉलोनाइजर्स द्वारा की जाने वाली मनमानी पर लगाम लगेगी। नए अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश भर के विभिन्न शहरों (जैसे इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर) में लंबित चल रहे रेरा के सैकड़ों उपभोक्ता मामलों को समय सीमा के भीतर निपटाना और समय पर पजेशन (Possession) न देने वाले डिफॉल्टर बिल्डरों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना होगा।
अथॉरिटी में प्रशासनिक कसावट लाने की तैयारी शुरू विभागीय नियमों के अनुसार, नए अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उनका कार्यकाल निर्धारित अवधि (या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक) के लिए रहेगा। पदभार संभालने के तुरंत बाद जस्टिस द्विवेदी द्वारा अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक परिचय बैठक और लंबित फाइलों की समीक्षा किए जाने की संभावना है। भू-संपदा क्षेत्र के जानकारों और क्रेडाई (CREDAI) जैसे बिल्डर संगठनों ने भी इस नियुक्ति का स्वागत किया है। उनका मानना है कि एक विधिक पृष्ठभूमि के अनुभवी मुखिया के आने से उपभोक्ताओं और रियल एस्टेट डेवलपर्स दोनों के बीच विवादों का कानूनी व न्यायसंगत समाधान अधिक सुचारू रूप से हो सकेगा।












