सर्राफा बाजार में आज यानी 29 जनवरी 2026 को एक ऐसा ऐतिहासिक धमाका हुआ है जिसने निवेशकों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय वायदा बाजार (MCX) में चांदी की कीमत पहली बार ₹4,00,000 प्रति किलोग्राम के जादुई आंकड़े को पार कर गई है। वहीं सोना भी ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है।
वायदा बाजार (MCX) के ताजा आंकड़े
आज बाजार खुलते ही कीमती धातुओं में “रॉकेट” जैसी तेजी देखी गई।
| धातु (Commodity) | आज का ताजा भाव (Latest Rate) | आज की बढ़त (Increase) |
| चांदी (Silver – March Futures) | ₹4,07,456 प्रति किलो | 📈 +₹22,090 (5.73%) |
| सोना (Gold – Feb Futures) | ₹1,80,501 प्रति 10 ग्राम | 📈 +₹14,586 (8.8%) |
भारतीय कमोडिटी बाजार के इतिहास में यह पहली बार है जब सफेद धातु ने 4 लाख का स्तर छुआ है। [Image showing Silver price crossing 4,00,000 on trading terminal]
तेजी के 4 मुख्य वैश्विक कारण:
- युद्ध की आहट (Geopolitical Tensions): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान को दी गई “गंभीर सैन्य कार्रवाई” की चेतावनी ने दुनिया भर के निवेशकों को डरा दिया है। युद्ध के डर से लोग शेयर बाजार छोड़कर सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने-चांदी की ओर भाग रहे हैं।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिकी सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और भविष्य में दरें न बढ़ने के संकेत दिए हैं। इससे डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई और पीली धातु को बल मिला।
- कमजोर रुपया: भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 92 पर पहुँच गया है, जिससे आयात महंगा हो गया और घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ गईं।
- सप्लाई में कमी: औद्योगिक मांग (विशेषकर सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों में) के मुकाबले चांदी की वैश्विक आपूर्ति कम होने से इसकी कीमतों में सोने से भी ज्यादा तेजी देखी जा रही है।
रिटेल बाजार का हाल: दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव (टैक्स सहित) ₹1,81,000 के आसपास पहुंच गया है, जबकि खुदरा चांदी कुछ राज्यों में ₹4,25,000 तक भी बिक रही है।
निष्कर्ष: बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, कीमतों में यह उछाल जारी रह सकता है। आम आदमी के लिए अब गहने खरीदना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

















