‘सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस’ (CJP) के फाउंडर और जाने-माने सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके एक लंबे अंतराल के बाद जैसे ही भारत लौटे, उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पहली प्रतिक्रिया (रिएक्शन) देकर नए राजनैतिक विमर्श को जन्म दे दिया है। भारत की सरजमीं पर कदम रखते ही उन्होंने देश के मौजूदा सामाजिक-राजनैतिक हालात और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी और सीधे तौर पर सरकार से एक बड़ी मांग कर डाली है।
आते ही किया ट्वीट, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज अभिजीत दीपके अपने बेबाक अंदाज और मानवाधिकारों के समर्थन में आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं। भारत आते ही उन्होंने अपने आधिकारिक हैंडल से प्रतिक्रिया देते हुए देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निष्पक्षता और हाशिए पर खड़े समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने मांग की है कि देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को मजबूत करने के लिए सरकार को उन सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को तुरंत वापस लेना चाहिए, जिन्हें केवल असहमति जताने के कारण निशाना बनाया गया है।
जमीनी स्तर पर अभियान चलाने का संकेत CJP फाउंडर ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि आने वाले दिनों में उनका संगठन कानूनी साक्षरता और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए जमीनी स्तर पर एक नया और व्यापक अभियान शुरू करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई केवल अदालतों तक सीमित नहीं रह सकती, इसके लिए आम जनता को भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। अभिजीत दीपके के इस पहले रिएक्शन के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थक और आलोचक आमने-सामने आ गए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।

















