छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश कर विकास की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे राज्य के समग्र विकास, वित्तीय अनुशासन और भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की स्पष्ट कार्ययोजना है।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस अनुपूरक बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का फोकस है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और योजनाएं जमीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दें।
ओपी चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने वित्तीय अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया है। बजट प्रबंधन इस तरह किया गया है कि राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहे और भविष्य में विकास की रफ्तार और तेज हो सके। उन्होंने कहा कि संसाधनों का सही उपयोग और पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता है।
इस बजट के जरिए अधोसंरचना परियोजनाओं को गति मिलेगी, जिससे सड़क, बिजली, पानी और शहरी सुविधाओं में सुधार होगा। वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराकर आम लोगों को बेहतर सेवाएं देने का लक्ष्य रखा गया है।
वित्त मंत्री के अनुसार, यह अनुपूरक बजट केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।















