जगदलपुर (बस्तर): छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बैठक का गवाह बना। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की बैठक में चार राज्यों के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव शामिल हुए। बैठक में गृह मंत्री ने कुपोषण, स्वास्थ्य, और शिक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बात करते हुए सभी राज्यों को केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का आह्वान किया। इसके साथ ही, बस्तर के ‘नक्सल-मुक्त’ होने के बाद विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक की मुख्य विशेषताएं और बड़े निर्णय:
| विषय | प्रमुख जानकारी |
| बैठक का नाम | 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद (CZC) बैठक |
| अध्यक्षता | केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह |
| शामिल राज्य व मुख्यमंत्री | छत्तीसगढ़ (विष्णुदेव साय), मध्य प्रदेश (डॉ. मोहन यादव), उत्तर प्रदेश (योगी आदित्यनाथ), और उत्तराखंड (पुष्कर सिंह धामी) |
| कुपोषण पर आह्वान | सभी मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों से कुपोषण के खिलाफ भारत सरकार के अभियान में पूरी ताकत से जुड़ने को कहा गया। |
| अन्य प्रमुख एजेंडे | • जल जीवन मिशन-2 के तहत हर घर नल से जल सुनिश्चित करना। • स्कूलों में ड्रॉप-आउट (पढ़ाई छोड़ना) की दर को कम करना और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना। • पोक्सो (POCSO) और बलात्कार के मामलों में त्वरित न्याय के लिए समय पर डीएनए (DNA) जांच करना। |
| ऐतिहासिक संदर्भ | कभी नक्सली हिंसा से जूझने वाले बस्तर को नक्सल-मुक्त घोषित किए जाने के बाद यहाँ पहली बार यह उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई। |


















