राजधानी भोपाल के गांधी भवन में रविवार शाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित एक बैठक में भारी हंगामा हो गया। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के ऑडिट को लेकर बुलाई गई इस बैठक में अचानक कुछ युवा और छात्र पहुंच गए, जिसके बाद आयोजकों और छात्रों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल को मौके पर पहुंचना पड़ा।
हंगामे के मुख्य कारण और घटनाक्रम
- नारेबाजी और विरोध: छात्रों ने बैठक में ‘यह दिल्ली नहीं, भोपाल है’, ‘कॉकरोच पार्टी मुर्दाबाद’ और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे तीखे नारे लगाए। छात्रों का आरोप था कि संगठन की कुछ गतिविधियां ‘एंटीनेशनल’ हैं।
- माइक छीनने का आरोप: सवाल पूछने पहुंचे छात्र अंश पुरोहित और अन्य युवाओं ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने दिल्ली में हुए पिछले विवादों और स्कूल ऑडिट पर सवाल पूछने चाहे, तो उनके हाथ से माइक छीनने की कोशिश की गई।
- पुलिस की समझाइश: विवाद बढ़ता देख पुलिस प्रशासन की टीम गांधी भवन पहुंची और उग्र छात्रों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।
CJP का पक्ष: ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान
CJP की अभियान कोऑर्डिनेटर माया विश्वकर्मा ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों का नागरिक स्तर पर ऑडिट करना था। संगठन का लक्ष्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में पानी, शौचालय, बिजली, और शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात जैसी बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत का डेटा तैयार करना है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। भोपाल शहर की तमाम छोटी-बड़ी और प्रामाणिक खबरों के लिए Authentic News के साथ जुड़े रहें।












