LPG की किल्लत ने बदला भोपाल के रेस्तरां कारोबार का तरीका — फास्ट फूड चेन मालिक बोले, “60% कुकिंग इंडक्शन पर शिफ्ट की”
भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल में LPG गैस सिलेंडर की बढ़ती किल्लत का असर अब आम घरों से निकलकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंच गया है। शहर के एक मशहूर फास्ट फूड चेन के मालिक ने खुलासा किया है कि गैस संकट से निपटने के लिए उन्होंने अपने रेस्तरां में 60 प्रतिशत खाना पकाने का काम इंडक्शन कुकटॉप पर स्थानांतरित कर दिया है। यह बदलाव न केवल उनकी मजबूरी है, बल्कि भविष्य की एक नई रणनीति भी।
क्यों लेना पड़ा यह फैसला
फास्ट फूड चेन के मालिक ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों से व्यावसायिक LPG सिलेंडर की आपूर्ति अनियमित हो गई है। कभी-कभी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाता, जिससे रेस्तरां का पूरा काम प्रभावित होता है। ग्राहकों को निराश न करना पड़े, इसलिए उन्होंने इंडक्शन कुकटॉप को विकल्प के रूप में अपनाया।
इंडक्शन पर शिफ्टिंग — फायदे और चुनौतियां
उन्होंने बताया कि इंडक्शन कुकटॉप पर शिफ्ट होने से बिजली का खर्च जरूर बढ़ा है, लेकिन कारोबार की निरंतरता बनी रही। उनके अनुसार इंडक्शन पर खाना पकाना अपेक्षाकृत सुरक्षित और साफ-सुथरा भी है। हालांकि कुछ खास व्यंजनों का स्वाद गैस पर बेहतर आता है, इसलिए 40 प्रतिशत खाना अभी भी LPG पर ही बनाया जा रहा है।
शहर के अन्य व्यापारी भी परेशान
भोपाल में केवल यही एक प्रतिष्ठान नहीं है जो इस संकट से जूझ रहा है। छोटे ढाबों से लेकर बड़े रेस्तरां तक — सभी व्यावसायिक रसोइयों में गैस की अनियमित आपूर्ति एक बड़ी समस्या बन चुकी है। कई व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए अलग से सिलेंडर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन की जिम्मेदारी
व्यापार जगत का मानना है कि LPG संकट यदि इसी तरह बना रहा तो छोटे खाद्य व्यवसायों पर इसका गहरा आर्थिक असर पड़ेगा। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त करे और व्यापारियों को राहत दे।

















