सनातन धर्म के सर्वोच्च और पवित्र तीर्थ स्थलों में शुमार भू-वैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) से एक बेहद विचलित और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। भगवान बद्रीविशाल के मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धापूर्वक चढ़ाए जाने वाले दान-चढ़ावे (Donations and Offerings) की राशि और कीमती आभूषणों में भारी वित्तीय गड़बड़ी और हेरफेर के गंभीर आरोप लगे हैं। इस खुलासे के बाद न केवल तीर्थ पुरोहितों बल्कि देश भर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश और हड़कंप मच गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने तत्काल प्रभाव से एक हाई-लेवल जांच (High-Level Inquiry) के आदेश जारी कर दिए हैं।
दान पात्रों और वीआईपी रसीदों में गड़बड़ी की आशंका; मंदिर प्रशासन सख्त
सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मंदिर के भीतर और वीआईपी (VIP) दर्शनों के नाम पर काटे जाने वाले रसीद काउंटरों से प्राप्त होने वाली नकदी के मिलान में भारी विसंगतियां देखने को मिल रही थीं। कुछ जागरूक कर्मचारियों और स्थानीय हक-हकूकधारियों ने मंदिर प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया था कि चढ़ावे की गणना के दौरान तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और कुछ संदिग्ध लोग इस पवित्र राशि में सेंध लगा रहे हैं। मामले के तूल पकड़ते ही मंदिर समिति के अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी ने आपात बैठक बुलाकर मामले की तह तक जाने का फैसला किया।
CCTV फुटेज खंगालेगी विशेष जांच टीम; कड़े सुरक्षा घेरे में होगी गिनती
मंदिर समिति ने इस पूरे महा-विवाद का सच सामने लाने के लिए एक विशेष आंतरिक जांच दल (Special Investigation Team) का गठन किया है।
- सीसीटीवी से खुलेगा राज: जांच टीम ने मंदिर के गर्भगृह, मुख्य परिसर और दान-गणना कक्ष (Counting Room) में लगे पिछले कई दिनों के CCTV कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी के हर एक फ्रेम की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि यह साफ हो सके कि चढ़ावे को ठिकाने लगाने में कौन-कौन से चेहरे शामिल थे।
- पारदर्शिता के लिए सख्त कदम: जांच पूरी होने तक दान पात्रों को खोलने और उनकी गिनती करने की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से वीडियो-रिकॉर्ड करने और अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।
भ्रष्टाचार साबित होने पर होगी सीधे जेल; तीर्थ पुरोहितों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
इस विवाद पर बद्रीनाथ धाम के मुख्य रावल (प्रधान पुजारी) और धर्माधिकारियों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। तीर्थ पुरोहित समाज का कहना है कि भगवान के चरणों में समर्पित होने वाली पाई-पाई का हिसाब पारदर्शी होना चाहिए, क्योंकि यह करोड़ों भक्तों की अटूट आस्था का विषय है। मंदिर समिति के आला अधिकारियों ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जांच में यदि कोई भी छोटा या बड़ा अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ केवल विभागीय कार्रवाई ही नहीं की जाएगी, बल्कि सीधे पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर उसे जेल भेजा जाएगा।












