मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) ने दतिया के वरिष्ठ नेता और पूर्व भाजपा नेता अवधेश नायक को एक बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी के ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की सहमति और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर अवधेश नायक को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रदेश महासचिव (State General Secretary) नियुक्त किया गया है।
राजनीतिक गलियारों में इस नियुक्ति को दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की ऐतिहासिक जीत में उनके द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका का “पुरस्कार” माना जा रहा है।
दतिया उपचुनाव में निभाई थी ‘किंगमेकर’ की भूमिका
- भाजपा छोड़ कांग्रेस में हुए थे शामिल: अवधेश नायक लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी में रहे और दतिया अंचल में उनकी मजबूत जमीनी पकड़ (धाक) मानी जाती है। 2023 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वे कांग्रेस में शामिल हुए थे।
- टिकट कटने के बावजूद नहीं छोड़ा पार्टी का साथ: 2023 के चुनाव और हालिया उपचुनाव में टिकट न मिलने से शुरुआती दौर में उनके समर्थकों में असंतोष देखा गया था। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की मध्यस्थता के बाद वे मान गए और पूरे दमखम से कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के पक्ष में प्रचार में जुट गए।
- जीत का अहम आधार: दतिया सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी की जीत में अवधेश नायक के व्यक्तिगत कैडर और उनके समर्थकों का बड़ा योगदान रहा, जिससे भाजपा को अपने गढ़ में हार का सामना करना पड़ा।
2028 के लिए रास्ता हुआ साफ?
उपचुनाव प्रचार के दौरान मंच से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बार-बार अवधेश नायक का जिक्र करते हुए उनके समर्पण की तारीफ की थी। दिग्विजय सिंह ने भी सार्वजनिक रूप से माना था कि पार्टी उनके साथ अतीत में हुए फैसलों की भरपाई करेगी।
संगठन में महासचिव बनाए जाने के बाद यह तय माना जा रहा है कि पार्टी 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अवधेश नायक को दतिया या नजदीकी सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार बना सकती है।
नियुक्ति पर समर्थकों में उत्साह
अवधेश नायक को प्रदेश महासचिव बनाए जाने का आदेश जारी होते ही दतिया और ग्वालियर-चंबल अंचल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। समर्थकों का कहना है कि पार्टी के इस फैसले से चंबल रीजन में पार्टी संगठन को और मजबूती मिलेगी।












