भारत के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक तीर्थों में से एक – अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हो गई है। 3 जुलाई, 2026 को पहला जत्था (समूह) जम्मू-कश्मीर की ओर रवाना हुआ है। इस पहले जत्थे में 4,800 से अधिक भक्त शामिल हैं जो पवित्र हिमालय की ओर अपनी यात्रा पर निकल पड़े हैं। अमरनाथ गुफा को भगवान शिव का सबसे पवित्र निवास माना जाता है और लाखों हिंदू भक्त हर साल इस तीर्थ के लिए आते हैं।
यात्रा की तैयारी:
प्रशासन ने इस यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापक तैयारी की है। सड़क मार्ग, हेलीकॉप्टर सेवा और अन्य सभी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। चिकित्सा सुविधा, भोजन व्यवस्था और आश्रय स्थल पूरी यात्रा मार्ग पर उपलब्ध हैं। सुरक्षा बलों ने भी पूरी निगरानी के लिए तैयारी कर रखी है।
यात्रियों की प्रतिक्रिया:
यात्रियों में उत्साह और धार्मिक भावना दिख रही है। वे अपनी मनौतियां पूरी करने और भगवान शिव के दर्शन के लिए बेताब हैं। परिवारों के साथ, अकेले और समूहों में यात्री निकल रहे हैं।
कुल यात्रियों का आकलन:
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा में कुल 8-10 लाख यात्रियों के आने का अनुमान है। पिछले साल के मुकाबले इस बार यात्रियों की संख्या में और भी बढ़ोतरी दिख रही है।
धार्मिक महत्व:
अमरनाथ गुफा में भगवान शिव को समर्पित बर्फ की पूजा की जाती है। यह यात्रा भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है।












