प्रदेश में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर विपक्ष ने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि ये दो साल नगरीय अव्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं के रहे हैं। सरकार जहां उपलब्धियों का दावा कर रही है, वहीं ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है।
विपक्ष का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश शहरों में बुनियादी सुविधाएं चरमराई हुई हैं। सड़कों की हालत खराब है, जलभराव और गंदगी आम समस्या बन चुकी है। नगर निगम और नगर पालिकाओं में भ्रष्टाचार चरम पर है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
बेरोजगारी को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला गया है। युवाओं का कहना है कि भर्ती परीक्षाएं समय पर नहीं हो रही हैं, नियुक्तियों में देरी और अनियमितताओं के चलते युवा हताश हैं। सरकारी नौकरियों के वादे सिर्फ घोषणाओं तक सीमित रह गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी है, दवाइयों की उपलब्धता नहीं है और मरीजों को निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है।
विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सरकार इन दो वर्षों में जनहित के मुद्दों पर विफल रही है और केवल प्रचार में व्यस्त रही। अब जनता सरकार से जवाब मांग रही है और आने वाले समय में इन सवालों का असर राजनीति में साफ दिखाई देगा।















