मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। तबादला नीति-2026 की समय-सीमा खत्म होने और ट्रांसफर पर दोबारा प्रतिबंध लौटने के बाद मचे सियासी घमासान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय कैबिनेट बैठक में मंत्रियों और विभिन्न विभागों के भारी दबाव के बाद सरकार ने तबादलों की डेडलाइन को बढ़ा दिया है। कैबिनेट के नए फैसले के अनुसार, अब आज रात 12 बजे तक ही ई-ऑफिस (e-office) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन तबादला सूची और आदेश जारी किए जा सकेंगे।
मंत्रियों के दबाव और लेटलतीफी के बाद बैक-फुट पर सरकार गौरतलब है कि सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा तय गाइडलाइन के मुताबिक 15 जून की आधी रात को तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू हो गया था। सोमवार रात को कई बड़े विभागों की सूचियां मंत्रियों और अफसरों के समन्वय की कमी के कारण अटक गई थीं, जिसके बाद ‘बैक डेट’ का सहारा लेने की कोशिशें की जा रही थीं। आज हुई कैबिनेट बैठक में कई मंत्रियों ने मुख्यमंत्री के सामने यह बात रखी कि 15 दिनों की बेहद छोटी अवधि होने और तकनीकी दिक्कतों के कारण कई जरूरी प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक तबादले रुक गए हैं। इस जमीनी हकीकत और जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीति में आंशिक ढील देते हुए आज रात तक पोर्टल को दोबारा खोलने की मंजूरी दे दी।
आज रात 12 बजे के बाद पूरी तरह लॉक हो जाएगा ई-पोर्टल कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संभागों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। छूटे हुए सभी विभागों (विशेषकर स्कूल शिक्षा, राजस्व, पंचायत और जनजातीय कार्य विभाग) के अफसरों को साफ कह दिया गया है कि आज रात 12 बजे की डेडलाइन के बाद किसी भी स्थिति में समय नहीं बढ़ाया जाएगा और ई-ऑफिस सिस्टम स्वतः पूरी तरह लॉक हो जाएगा। ऐसे में मंत्रालय के सभी महकमों में आज दोपहर से ही अटकी सूचियों को फाइनल करने और डिजिटल सिग्नेचर के साथ आदेश अपलोड करने की आपाधापी एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है।

















