मध्य प्रदेश में प्री-मानसून सिस्टम और चक्रवाती हवाओं के घेरे के चलते मौसम विभाग ने आज (13 जून, शनिवार) प्रदेश के एक बड़े हिस्से में भीषण आंधी-तूफान और वज्रपात (Lightning) का हाई-अलर्ट जारी किया है। अरब सागर की ओर से लगातार आ रही नमी के कारण राज्य के मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ चुका है। मौसम केंद्र ने चंबल संभाग सहित मध्य प्रदेश के 33 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की गंभीर चेतावनी जारी की है।
भिंड-दतिया में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तबाही की आशंका मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तरी मध्य प्रदेश के जिलों—विशेषकर भिंड, दतिया, ग्वालियर, मुरैना और श्योपुर कलां—में आज दोपहर बाद मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रुख अख्तियार कर सकता है। इन क्षेत्रों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी धूलभरी आंधी और अंधड़ चलने की संभावना है। प्रशासन ने इन जिलों के नागरिकों से अपील की है कि वे आंधी के दौरान कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें, क्योंकि तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ने और बत्ती गुल होने की पूरी आशंका है।
राजधानी भोपाल और रायसेन समेत 31 जिलों में ‘येलो और ऑरेंज’ अलर्ट दूसरी तरफ, राजधानी भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर सहित कुल 33 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल और आसपास के इलाकों में सुबह से ही उमस का माहौल बना हुआ है, जहां दोपहर बाद घने बादल छाने और झमाझम बारिश होने की 60% संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि यह डबल अटैक (एक तरफ भीषण धूलभरी आंधी और दूसरी तरफ गरज-चमक के साथ बारिश) अगले 48 घंटों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह जारी रहेगा, जिससे तापमान में तो गिरावट आएगी लेकिन आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

















