- सजा नहीं, न्याय है प्राथमिकता: गृह मंत्री ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने के 150 साल पुराने दंडात्मक कानून सरकार और औपनिवेशिक व्यवस्था की रक्षा के लिए बनाए गए थे। अब लागू हुए नए कानून (BNS) भारत के नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और शरीर की सुरक्षा की गारंटी देते हैं। इनका मूल उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि त्वरित न्याय दिलाना है।
- फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य का प्रदर्शन: पांच दिवसीय इस प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा नए कानूनों के तहत की जा रही पारदर्शी जांच, ई-एफआईआर, फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन, वीडियोग्राफी और त्वरित अदालती प्रक्रियाओं के क्रियान्वयन को डिजिटल स्क्रीन, पोस्टर्स और मॉडल्स के जरिए आम जनता व कानून के छात्रों के लिए प्रदर्शित किया गया है।
- नशामुक्त मध्य प्रदेश का संकल्प: अमित शाह ने ऐलान किया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नशा तस्करों की कमर तोड़ रही हैं। उन्होंने संकल्प दोहराते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2029 के बाद मध्य प्रदेश में नशे का कोई स्थान नहीं रहेगा।
गोपालकों और श्वेत क्रांति को मिलीं ऐतिहासिक सौगातें
गृह एवं सहकारिता मंत्री ने प्रदेश में ‘श्वेत क्रांति-2’ का खाका खींचते हुए कई अहम घोषणाएं कीं:
- ₹101 करोड़ का गौशाला अनुदान: प्रदेशभर की पंजीकृत गौशालाओं के सुचारू संचालन और चारे-पानी के प्रबंध के लिए 101 करोड़ रुपये का सीधा वित्तीय अनुदान जारी किया गया।
- उज्जैन में ₹255 करोड़ का मेगा डेयरी प्लांट: 3 लाख लीटर प्रतिदिन दूध प्रसंस्करण क्षमता वाले इस अत्याधुनिक प्लांट से मालवा क्षेत्र के हजारों दुग्ध उत्पादकों को सीधा बाजार मिलेगा।
- भोपाल व शिवपुरी को विस्तार: भोपाल में ₹16.5 करोड़ की लागत से 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के प्रोडक्ट प्लांट और ₹12.42 करोड़ की स्टेट सेंट्रल डेयरी लैब का लोकार्पण हुआ। साथ ही शिवपुरी मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण की शुरुआत हुई।
- पशु नस्ल सुधार के लिए 50 एकड़ जमीन: अमित शाह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गोवंश और भैंस की नस्ल सुधार परियोजना के लिए 50 एकड़ भूमि आवंटित करने की सहमति दे दी है। इसके जरिए उच्च गुणवत्ता वाले सेक्स-सॉर्टेड सीमन से केवल बछड़ियों का जन्म सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचेगा।
सीएम मोहन यादव बोले— “हम श्वेत क्रांति-2 का शंखनाद कर रहे हैं”
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अपने 80 लाख पशुपालक परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है:
- गोमाता अनुदान दोगुना: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पंचायत और स्थानीय निकायों की गौशालाओं में निराश्रित व अपाहिज गायों के रख-रखाव के लिए अनुदान ₹20 से बढ़ाकर ₹40 प्रति गोमाता किया जा रहा है।
- पशुपालक प्रतियोगिता: प्रदेश के सभी 313 ब्लॉकों में दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें उत्कृष्ट पशुपालकों को ₹1 लाख, ₹50 हजार और ₹25 हजार के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। साथ ही बीमार पशुओं के त्वरित इलाज के लिए चलित पशु चिकित्सालय (मोबाइल एंबुलेंस) सक्रिय हैं।
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