धर्मनगरी हरिद्वार और उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार की ओर से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने हरिद्वार में एक नया और अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस संस्थान के शुरू होने से प्रतिवर्ष प्रत्येक नए बैच में 50 मेडिकल छात्रों को एमबीबीएस (MBBS) पाठ्यक्रम में दाखिला मिल सकेगा।
इस नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना से न केवल उत्तराखंड के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए गृह राज्य में ही डॉक्टर बनने के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि सिडकुल (SIDCUL) औद्योगिक क्षेत्र के लाखों बीमित कामगारों, उनके आश्रितों और धर्मनगरी व आसपास के जनपदों की आम जनता को उच्चस्तरीय व सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी।
क्यों खास है हरिद्वार में ESIC मेडिकल कॉलेज की सौगात?
हरिद्वार और तराई-भाबर के इलाकों में उच्च स्तरीय तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं (Tertiary Healthcare) की लंबे समय से मांग चल रही थी:
- 50 एमबीबीएस सीटों का प्रावधान: राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के कड़े मानकों के अनुरूप मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। प्रारंभिक चरण में प्रतिवर्ष 50 एमबीबीएस सीटों पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के माध्यम से छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा, जिसे भविष्य में 100 सीटों तक विस्तारित करने की योजना है।
- अस्पताल का होगा उच्चीकरण (Upgradation): मेडिकल कॉलेज की संबद्धता के लिए हरिद्वार स्थित मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल की क्षमता को बढ़ाकर 300 से 500 बिस्तरों वाले मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में तब्दील किया जाएगा।
- आधुनिक जांच व ऑपरेशन सुविधाएं: कॉलेज परिसर में उन्नत आईसीयू (ICU), अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन, एमआरआई, ब्लड बैंक और आपातकालीन ट्रॉमा सेंटर जैसी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही छत के नीचे विकसित की जाएंगी।
औद्योगिक श्रमिकों और आम नागरिकों को सीधा लाभ
हरिद्वार राज्य का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहां सिडकुल में सैकड़ों छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं:
- लाखों कामगारों को बड़ी राहत: अब तक गंभीर बीमारियों या बड़े हादसों की स्थिति में बीमित श्रमिकों व आम मरीजों को देहरादून स्थित एम्स (AIIMS ऋषिकेश), जौलीग्रांट या दिल्ली के बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था।
- मुफ्त एवं रियायती इलाज: ईएसआईसी कार्डधारक श्रमिकों और उनके परिजनों को अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी इलाज पूरी तरह कैशलेस मिलेगा, वहीं सामान्य नागरिकों को भी अत्यंत रियायती दरों पर ओपीडी और इंडोर चिकित्सकीय सुविधाएं मिलेंगी।
- स्थानीय रोजगार का सृजन: मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के विस्तार से डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों, प्रशासनिक और तकनीकी सहायकों के सैकड़ों नए पदों पर स्थानीय युवाओं को रोजगार का मौका मिलेगा।
राज्य में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा नया संबल
उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के संकल्प के तहत हरिद्वार का यह संस्थान एक मील का पत्थर साबित होगा। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक प्रशासनिक मंजूरियों और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद निर्माण कार्य को गति दी जाएगी, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्रों से एमबीबीएस के पहले बैच की कक्षाएं और क्लीनिकल ट्रेनिंग शुरू की जा सके।
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