केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल प्रवास के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गृह मंत्री के कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार के व्यवधान, काले झंडे दिखाने या विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने शहर के कई सक्रिय विपक्षी नेताओं के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई (Preventive Action) शुरू कर दी है। इसी कड़ी में युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव व प्रमुख युवा नेता प्रिंस सिंह भदौरिया को रातीबड़ थाना पुलिस ने शनिवार तड़के उनके निवास से उठाकर नजरबंद कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, रातीबड़ पुलिस की टीम शनिवार सुबह करीब 4:00 बजे प्रिंस सिंह के घर पहुंची और उन्हें सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बाहर निकलने से रोक दिया और निगरानी में ले लिया।
विरोध प्रदर्शन की आशंका पर सुबह-सुबह पुलिसिया एक्शन
- तड़के 4 बजे दबिश: युवा कांग्रेस और एनएसयूआई द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री के आगमन पर नर्सिंग घोटाले, व्यापमं, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर काले झंडे दिखाने और विरोध प्रदर्शन करने की गुप्त सूचनाएं सुरक्षा एजेंसियों को मिली थीं।
- रातीबड़ पुलिस का पहरा: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर पुलिस ने तड़के ही प्रिंस सिंह भदौरिया के घर पर पहरा बैठा दिया, ताकि वे कार्यकर्ताओं को लामबंद कर भेल दशहरा मैदान, होटल ताज या वीआईपी रूट की ओर कूच न कर सकें।
- शहरभर में कई नेता रडार पर: प्रिंस सिंह के अलावा युवक कांग्रेस, एनएसयूआई और कांग्रेस के कई अन्य जिला व ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के घरों पर भी स्थानीय थानों की पुलिस तैनात की गई है और कुछ को थानों में बैठाकर एहतियातन नजरबंद रखा गया है।
अमित शाह के दौरे को लेकर अभेद्य सुरक्षा घेरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को राजधानी में भेल दशहरा मैदान में ‘राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन’, न्याय संहिता प्रदर्शनी के उद्घाटन और भौरी स्थित IISER के विस्तारित परिसर के शिलान्यास सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।
- वीआईपी मूवमेंट के चलते स्टेट हैंगर से लेकर होटल ताज लेकफ्रंट और भेल दशहरा मैदान तक 3 हजार से अधिक पुलिस जवान और विशेष सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
- किसी भी संभावित विरोध को टालने के लिए पुलिस ने पहले ही प्रमुख विपक्षी चेहरों की सूची तैयार कर प्रिवेंटिव डिटेंशन की रणनीति पर अमल किया है।
कांग्रेस का आरोप: “लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार भी छीना”
युवा नेताओं को नजरबंद किए जाने पर कांग्रेस ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया है:
- कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार विपक्ष की आवाज और जनता के बुनियादी सवालों से इस कदर डर गई है कि तड़के 4 बजे युवा नेताओं के घरों में पुलिस भेजकर उन्हें नजरबंद किया जा रहा है।
- कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश का युवा, छात्र और किसान परेशान हैं, लेकिन सरकार विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार को भी पुलिस बल के दम पर कुचलने में जुटी है।
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