मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक बाजार क्षेत्र राजवाड़ा के समीप एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित यात्री बस ने कई दोपहिया वाहनों और पैदल चल रहे राहगीरों को चपेट में लेते हुए बेरहमी से कुचल दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर भारी अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित स्थानीय व्यापारियों व राहगीरों की भीड़ ने दुर्घटनाग्रस्त बस को घेरकर पथराव व तोड़फोड़ शुरू कर दी। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लाठी फटकार कर स्थिति पर काबू पाया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बस चालक, परिचालक और संबंधित ऑपरेटर/मालिक सहित तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से वाहन चलाने की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
कैसे हुआ हादसा? (प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी)
राजवाड़ा जैसे घने और संकरे बाजार क्षेत्र में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- अनियंत्रित गति और ब्रेक फेल की आशंका: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस अत्यधिक तेज गति में थी। मोड़ पर चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और सामने चल रहे दोपहिया सवारों को रौंदते हुए फुटपाथ की ओर चढ़ गई।
- मौके पर मची चीख-पुकार: बस की चपेट में आए दो युवकों ने दम तोड़ दिया, जबकि घायलों को तुरंत पास के एमवाय (MY) अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो की हालत नाजुक बनी हुई है।
भीड़ का फूटा गुस्सा: बस में तोड़फोड़, ड्राइवर फरार होने की कोशिश में पकड़ा गया
हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया:
- वाहन में तोड़फोड़: गुस्साए लोगों ने बस के शीशे तोड़ दिए और वाहन को पलटने का प्रयास किया। बाजार के व्यापारियों ने संकरे मार्गों पर सिटी बसों की बेलगाम रफ्तार के विरोध में प्रदर्शन किया।
- ड्राइवर की गिरफ्तारी: दुर्घटना के बाद मौके से भागने की कोशिश कर रहे बस चालक को पुलिस ने घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया है। चालक का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह शराब या नशे की हालत में तो नहीं था।
पुलिस की सख्त कार्रवाई: तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज
इंदौर पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए कड़ी वैधानिक कार्रवाई शुरू की है:
- तीन पर मुकदमा: पुलिस ने बस चालक, कंडक्टर और बस के रखरखाव के लिए जिम्मेदार बस ऑपरेटर/मालिक के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं (लापरवाही से मौत, खतरनाक ड्राइविंग आदि) के तहत केस दर्ज किया है।
- मैकेनिकल जांच के आदेश: आरटीओ (RTO) और तकनीकी दल को बस की यांत्रिक स्थिति (ब्रेक फेलियर या तकनीकी खराबी) की जांच सौंप दी गई है।
- सीसीटीवी फुटेज जब्त: पुलिस ने राजवाड़ा चौराहे और आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज सुरक्षित कर लिए हैं ताकि दुर्घटना के वास्तविक घटनाक्रम का साक्ष्य जुटाया जा सके।
भीड़भाड़ वाले बाजारों में भारी वाहनों पर नियमन की मांग
इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों और व्यापारी संघों ने प्रशासन से मांग की है कि राजवाड़ा, सराफा, सीतलामाता बाजार और आसपास के अति-संवेदनशील व संकरे इलाकों में दिन के समय बड़ी बसों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए या उनकी गति सीमा को कड़ाई से नियंत्रित किया जाए।
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