मध्य प्रदेश को देश का प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी (IT), सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को देश की सिलिकॉन वैली ‘बेंगलुरु’ में प्रमुख उद्योगपतियों और टेक लीडर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें और ‘इन्वेस्टर्स राउंडटेबल’ (Investors Roundtable) सत्र आयोजित किए। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में चिप डिजाइन, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC), डेटा सेंटर, ड्रोन तकनीक और स्टार्टअप फंडिंग के क्षेत्र में ₹500 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर गहन चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को विशेष रूप से ग्वालियर में विकसित किए जा रहे एशिया के पहले समर्पित ‘टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन’ (TMZ) और राज्य की उद्योग-हितैषी नीतियों की विशेषताओं से अवगत कराया।
किन-किन कंपनियों ने दिए प्रमुख निवेश प्रस्ताव?
बेंगलुरु के होटल ताज (देवनहल्ली) में आयोजित इस राउंडटेबल बैठक में कई बहुराष्ट्रीय और घरेलू टेक कंपनियों ने मध्य प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित करने पर सहमति जताई:
- थोलोन्स (Tholons) — ₹210 करोड़ का जीसीसी प्रोजेक्ट: थोलोन्स के चेयरमैन व सीईओ अविनाश वशिष्ठ और अंकिता वशिष्ठ ने मध्य प्रदेश में ₹210 करोड़ के निवेश से एक आधुनिक ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर’ (GCC) स्थापित करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री से विस्तृत चर्चा की।
- असेइक मावेन सिलिकॉन (Aseem Maven Silicon) — ₹100 करोड़ का चिप डिजाइन हाउस: कंपनी के संस्थापक और सीईओ शिवकुमार पी. आर. ने राज्य में कुल ₹100 करोड़ के निवेश से चिप डिजाइन हाउस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसके पहले चरण में ₹25 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
- कोर-आईसी टेक्नोलॉजीज (Core-IC Technologies) — ₹100 करोड़ का सेमीकंडक्टर सेंटर: संस्थापक एवं सीईओ पंकज गर्ग ने विभिन्न चरणों में ₹100 करोड़ के निवेश से चिप डिजाइन सर्विसेज और रिसर्च यूनिट स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की।
- सीफंड (CEFUND) — ₹200 करोड़ की स्टार्टअप फंडिंग: डीपटेक वेंचर कैपिटल फंड ‘सीफंड’ के नरेंद्र भंडारी ने मध्य प्रदेश के उभरते इनोवेटर्स और डीपटेक स्टार्टअप्स को गति देने के लिए ₹200 करोड़ का फंड उपलब्ध कराने की योजना प्रस्तुत की।
- डेटा सेंटर और मोबिलिटी विस्तार: नाइनस्टार्स इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन गोपाल कृष्णन ने आधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने, जबकि मोबिलिटी कंपनी रैपिडो (Rapido) के सह-संस्थापक पवन गुंटुपल्ली और डोनाउ कार्बन इंडिया के सीईओ वीरेंद्र चौधरी ने राज्य में अपने विस्तार की रूपरेखा साझा की। इसके अलावा एयरबाउंड (Airbound) और नॉटिकल विंग्स जैसी प्रमुख ड्रोन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी योजनाओं पर चर्चा की।
ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) बना आकर्षण का केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निवेशकों को बताया कि ग्वालियर में 170 एकड़ में आकार ले रहा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन केंद्र और राज्य के सहयोग का उत्कृष्ट मॉडल है:
- प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर: केंद्र सरकार द्वारा ₹493 करोड़ के शत-प्रतिशत वित्तीय अनुदान और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा निशुल्क जमीन व रियायतों के साथ यह जोन विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा मुहैया करा रहा है।
- 48 घंटे में समाधान की गारंटी: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि टीएमजेड से संबंधित निवेशकों की किसी भी समस्या या सवाल का निराकरण 48 घंटे के भीतर किया जाएगा।
‘निवेशकों को मिलेगा सुरक्षित और अनुकूल वातावरण’ — सीएम डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश भौगोलिक दृष्टि से देश के केंद्र में स्थित है, जहां सरप्लस बिजली, मजबूत कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन और सिंगल विंडो सिस्टम की पारदर्शी व्यवस्था मौजूद है। उन्होंने टेक दिग्गजों को विश्वास दिलाया कि सरकार उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां बनाकर रिसर्च, इनोवेशन और विनिर्माण को हरसंभव प्रोत्साहन देगी।
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