शहर के सबसे व्यस्त यातायात गलियारों में से एक पर दशकों पुराने और संकरे हो चुके पुल की जगह ₹175 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक 3-लेन समानांतर पुल के निर्माण का विस्तृत खाका तैयार कर लिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और शहरी अधोसंरचना विकास एजेंसी ने आम नागरिकों और दैनिक यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘फेज-वाइज’ (चरणबद्ध) निर्माण नीति अपनाई है। इस योजना के तहत पुराने पुल को तोड़े बिना पहले उसके ठीक समानांतर नया 3-लेन पुल तैयार किया जाएगा। जब नया पुल बनकर पूरी तरह चालू हो जाएगा, केवल तभी पुराने जर्जर ढांचे को सुरक्षित रूप से ढहाया जाएगा।
इस सुनियोजित रणनीति का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य के दौरान शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले इस मार्ग पर यातायात को बिना रोके सुचारु रूप से जारी रखना है।
यातायात जाम से बचाने के लिए ‘नो-ब्लॉक’ रणनीति अक्सर देखा जाता है कि पुलों के पुनर्निर्माण के दौरान पुराने ढांचे को पहले तोड़ दिया जाता है, जिससे महीनों तक वैकल्पिक मार्गों पर भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है:
- शून्य डायवर्जन का लक्ष्य: नए 3-लेन पुल के निर्माण के दौरान पुराने पुल पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रहेगी। इससे कार्यालय जाने वालों, एंबुलेंस और स्कूल बसों को लंबे डायवर्जन का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- नए पुल पर ट्रैफिक शिफ्ट: जैसे ही समानांतर पुल का निर्माण, लोड-टेस्टिंग और सुरक्षा ऑडिट पूरा होगा, पूरे ट्रैफिक को तत्काल प्रभाव से नए 3-लेन पुल पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
- दूसरे चरण में पुराना स्ट्रक्चर हटेगा: ट्रैफिक शिफ्ट होने के बाद पुराने ढांचे को अत्याधुनिक कंक्रीट-कटिंग और नियंत्रित विध्वंस तकनीकों से हटाया जाएगा, ताकि आसपास के नदी या जलभराव क्षेत्र को नुकसान न पहुंचे। इसके बाद रिक्त स्थान का उपयोग मार्ग के अंतिम चौड़ीकरण के लिए किया जाएगा।
प्रोजेक्ट की तकनीकी विशेषताएं और लागत का आवंटन ₹175 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सुरक्षा और भविष्य की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है:
- आधुनिक स्ट्रक्चरल डिजाइन: नया पुल उच्च क्षमता वाले प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट गर्डर्स और एंटी-कोरोसिव स्टील से तैयार किया जाएगा, जिसकी अनुमानित परिचालन उम्र 100 वर्ष होगी।
- पैदल यात्रियों और गैर-मोटर चालित वाहनों के लिए प्रावधान: पुल के दोनों किनारों पर 1.5 मीटर चौड़े सुरक्षित फुटपाथ और एलईडी लाइटिंग का प्रावधान किया गया है।
- स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम: मानसून के दौरान पुल पर जलजमाव रोकने के लिए आधुनिक अंडर-डेक ड्रेनेज स्पॉट्स बनाए जाएंगे, जिससे सड़क की सतह लंबे समय तक सुरक्षित रहे।
निविदा प्रक्रिया और कार्ययोजना प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, परियोजना की तकनीकी स्वीकृति और वित्तीय सहमति की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं:
- जल्द ही निर्माण एजेंसी के चयन के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया आमंत्रित की जाएगी।
- अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के बाद कार्य को 18 से 24 महीने के भीतर पूर्ण करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा।
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