मध्य प्रदेश को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प और ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ महा-अभियान के तहत आज विंध्य क्षेत्र के प्रमुख केंद्र रीवा में एक ऐतिहासिक नशामुक्ति जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रीवा पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशाल रैली में हजारों की संख्या में स्कूली छात्र, कॉलेज के युवा, एनसीसी कैडेट्स, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक सड़कों पर उतरे।
हाथों में नशामुक्ति के संदेश लिखी तख्तियां, बैनर और तिरंगा थामे युवाओं के हुजूम ने रीवा के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए पूरे शहर को ‘नशा छोड़ो, देश जोड़ो’ के नारों से गुंजायमान कर दिया।
डीआईजी और एसपी ने दिखाई हरी झंडी; युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
रैली की शुरुआत रीवा के ऐतिहासिक विवेकानंद पार्क/पुलिस कंट्रोल रूम परिसर से हुई, जहां मुख्य अतिथियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर इस विशाल कारवां को रवाना किया।
- सामूहिक शपथ: रैली के प्रस्थान से पूर्व उपस्थित हजारों युवाओं और नागरिकों को जीवन में कभी भी नशीले पदार्थों का सेवन न करने और अपने आसपास के लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
- भव्य रूट: यह जागरूकता मार्च शहर के प्रमुख चौराहों (जयस्तंभ चौक, सिरमौर चौराहा, अस्पताल चौराहा) से होते हुए गुजरा, जहां स्थानीय निवासियों और व्यापारिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर रैली में शामिल छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया।
“तस्करों पर कड़ा प्रहार और समाज में बदलाव” — रीवा पुलिस
रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) ने इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पुलिस जिले में कोरेक्स, स्मैक और अवैध शराब की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए कड़े कदम उठा रही है।
पुलिस प्रशासन का संदेश: “नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल खाकी (पुलिस) के बल पर नहीं जीती जा सकती। जब तक समाज का हर नागरिक और विशेषकर युवा वर्ग इस अभियान से नहीं जुड़ेगा, तब तक पूर्ण नशामुक्ति संभव नहीं है। रीवा पुलिस एक तरफ ड्रग पेडलर्स को जेल भेज रही है, तो दूसरी तरफ इस प्रकार की रैलियों के माध्यम से समाज में चेतना जगाने का प्रयास कर रही है।”
2029 के राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने में रीवा की भागीदारी
पुलिस अधिकारियों ने ज़िक्र किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश को नशा मुक्त करने के लिए तय की गई वर्ष 2029 की डेडलाइन को समय से पहले हासिल करने के लिए मध्य प्रदेश का गृह विभाग पूरी ताकत से जुटा है।
रीवा में आयोजित हुई यह विशाल जन-जागरूकता रैली इस बात का जीवंत प्रमाण है कि विंध्य की युवा पीढ़ी नशे के जाल को उखाड़ फेंकने और एक स्वस्थ, समृद्ध मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है। रैली के समापन पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति भावुक और तार्किक ढंग से सचेत किया गया।












