मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बेहद चौंकाने वाला और हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामला सामने आया है। इंदौर पुलिस ने शहर में चल रहे एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क (Brown Sugar Case) का भंडाफोड़ करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को हिरासत में लेकर देर रात तक कड़ी पूछताछ की है। राजेंद्र नगर थाना पुलिस द्वारा की गई इस औचक कार्रवाई के बाद जहां शहर के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं मध्य प्रदेश की सियासत में भी भूचाल आ गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस ड्रग रैकेट से जुड़े दो मुख्य पैडलर्स को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन मामले से जुड़े तीन अन्य संदिग्ध आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
दो ड्रग पैडलर्स की गिरफ्तारी के बाद सामने आया नाम
इंदौर की राजेंद्र नगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर में भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की डिलीवरी होने वाली है। पुलिस ने तुरंत जाल बिछाकर एक स्कोर्पियो गाड़ी से दो तस्करों—इरफान खान उर्फ गोलू चंदेरी और संजय कौशल उर्फ रॉनी भाई को 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ रंगे हाथों दबोच लिया।
- पूछताछ में हुआ खुलासा: पुलिस की सख्त पूछताछ में गिरफ्तार दोनों पैडलर्स ने कबूल किया कि वे नशे की यह खेप इंदौर के रसूखदार व्यक्तियों, जिसमें मुख्य रूप से नाना पटवारी और मानव गंगवानी शामिल हैं, को डिलीवर करने जा रहे थे।
- राउंडअप और पूछताछ: इस बयान के आधार पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए सनशाइन गेट (बिजलपुर चौराहा) के पास से नाना पटवारी को राउंडअप किया और थाने लाकर घंटों पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें देर रात शर्तों के साथ छोड़ा गया।
नाना पटवारी की सफाई: “3-4 साल पहले लेता था ड्रग्स, अब मैं सुधर चुका हूँ”
पूछताछ के बाद मीडिया के सामने आते ही नाना पटवारी ने रोष जताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने अपने अतीत को स्वीकार करते हुए वर्तमान केस से पल्ला झाड़ लिया:
नाना पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा: “मैं यह स्वीकार करता हूँ कि 3-4 साल पहले मैं ड्रग्स की लत (Addiction) का शिकार था और मैंने रिहैब (Rehabilitation) सेंटर जाकर यह लत पूरी तरह छोड़ दी है। पिछले 3 सालों से मैंने शराब तक को हाथ नहीं लगाया है। मेरा इस वर्तमान ब्राउन शुगर केस से कोई लेना-देना नहीं है। मेरा एकमात्र ‘गुनाह’ यह है कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का भाई हूँ, इसलिए भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस मुझे बदनाम और प्रताड़ित कर रही है।”
जीतू पटवारी भड़के; भाजपा बोली—”यह क्रिमिनल केस है, राजनीति नहीं”
इस पूरे घटनाक्रम पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा सरकार पर ‘राजनैतिक प्रतिशोध’ (Political Vendetta) के तहत कार्रवाई करने का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब से कांग्रेस ने युवाओं के हक में आवाज़ उठाना शुरू किया है, सरकार उनके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रच रही है।
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि नशा तस्करों की निशानदेही पर यह कानूनी कार्रवाई हुई है। ड्रग्स का मामला सीधे तौर पर युवाओं की जिंदगी से जुड़ा एक गंभीर क्रिमिनल केस है और कांग्रेस को अपराधियों का बचाव करने के बजाय जांच में सहयोग करना चाहिए।
फरार आरोपियों की तलाश तेज, कॉल डिटेल्स खंगाल रही पुलिस
इंदौर पुलिस के आला अधिकारियों (DCP) के मुताबिक, नाना पटवारी को शहर न छोड़ने की हिदायत दी गई है और जांच आगे बढ़ने पर उन्हें दोबारा समन जारी किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस की सायबर टीम पकड़े गए तस्करों के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और व्हाट्सएप चैट खंगाल रही है ताकि इस रैकेट की गहराई का पता लगाया जा सके। वहीं, केस में नामजद तीन अन्य फरार आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।












