मध्य प्रदेश के प्रमुख कृषि प्रधान जिलों में शुमार हरदा से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग की शत-प्रतिशत (पूरी) खरीदी की मांग को लेकर आज हरदा पूरी तरह बंद रहा। ‘हरदा बंद’ के आह्वान पर किसानों और विभिन्न किसान संगठनों ने एकजुट होकर सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। गुस्साए किसानों ने न केवल शहर के मुख्य बाजारों को पूरी तरह बंद करा दिया, बल्कि प्रमुख मार्गों और हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली आड़ी खड़ी कर ‘चक्काजाम’ कर दिया। इस बड़े आंदोलन के कारण इंदौर-बैतूल हाईवे सहित कई संपर्क मार्गों पर वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए और दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
क्यों भड़का किसानों का गुस्सा? यह है मुख्य मांग
हरदा और आसपास के इलाकों में इस बार मूंग की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के चलते किसान अपनी पूरी फसल एमएसपी पर नहीं बेच पा रहे हैं।
- सीमित खरीदी का विरोध: किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा प्रति हेक्टेयर मूंग खरीदी की जो सीमा (कैपिंग) तय की गई है, वह बहुत कम है। इससे किसानों की आधी से ज्यादा फसल बची रह जा रही है, जिसे उन्हें मजबूरन खुले बाजार में व्यापारियों को औने-पौने दामों (घाटे में) बेचना पड़ रहा है।
- पोर्टल और स्लॉट की समस्या: किसानों ने शिकायत की है कि मूंग खरीदी के सरकारी पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग में लगातार तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं और कई उपार्जन केंद्रों पर बार-बार तुलाई बंद होने से किसान हफ्तों से ट्रैक्टर लेकर खड़े हैं।
सड़कों पर बैठे अन्नदाता; प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी
आज सुबह से ही हरदा के कलेक्ट्रेट मार्ग, चांडक चौराहा और इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी संख्या में किसान एकत्र होने शुरू हो गए। किसानों ने अपने ट्रैक्टरों को बीच सड़क पर खड़ा कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए।
- बाजारों में सन्नाटा: किसान संगठनों के बंद के आह्वान का असर साफ देखा गया। मुख्य बाजार, अनाज मंडी और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। व्यापारियों ने भी किसानों की इस जायज मांग को अपना नैतिक समर्थन दिया।
- लगा लंबा जाम: चक्काजाम के कारण यात्री बसें, आवश्यक वस्तुओं की गाड़ियां और सैकड़ों वाहन फंस गए। हालांकि, प्रदर्शनकारी किसानों ने एम्बुलेंस और स्कूली वाहनों को जाम से निकलने का रास्ता दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने दिया आश्वासन, किसान अड़े
आंदोलन और चक्काजाम की खबर मिलते ही हरदा कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी किसान नेताओं से बातचीत की और उनकी मांगों को राज्य सरकार और कृषि विभाग के आला अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
प्रशासन की ओर से कहा गया कि वे स्थानीय स्तर पर टोकन व्यवस्था और स्लॉट की समस्या को तुरंत सुधार रहे हैं, लेकिन किसान संगठनों का साफ कहना है कि जब तक सरकार की तरफ से ‘शत-प्रतिशत मूंग खरीदी’ का लिखित और आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, तब तक उनका चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा और आने वाले दिनों में यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।












