मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, 4 जुलाई 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश का रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) के सक्रिय होने के कारण मध्य भारत, विशेषकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में अगले 4 से 5 दिनों तक भारी बारिश का यह दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है.
बड़वानी और खंडवा में ‘रेड अलर्ट’; 8 इंच तक बारिश की आशंका
मौसम केंद्र भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग ने प्रदेश के दक्षिणी-पश्चिमी हिस्सों के लिए सबसे कड़ा ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) जारी किया है.
- अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी: मुख्य रूप से बड़वानी और खंडवा जिलों में आगामी 24 घंटों के भीतर 8 इंच (लगभग 21 सेंटीमीटर) या उससे अधिक मूसलाधार बारिश होने की आशंका है.
- नदी-नाले उफान पर: प्रशासन ने इन क्षेत्रों में निचले इलाकों और नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा सतर्क रहने की हिदायत दी है।
रतलाम-उज्जैन सहित 9 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’
मालवा-निमाड़ और महाकौशल अंचल के 9 प्रमुख जिलों में मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है।
- प्रभावित जिले: इसके तहत रतलाम, उज्जैन, इंदौर, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों में ‘बहुत भारी बारिश’ (Very Heavy Rain) की संभावना व्यक्त की गई है.
- इन जिलों में आकाशीय बिजली चमकने, वज्रपात होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Squall) चलने का भी अनुमान है.
राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में ‘येलो अलर्ट’ और झमाझम का दौर
मौसम विभाग का कहना है कि आज प्रदेश का कोई भी जिला सूखा नहीं रहेगा और हर हिस्से में मानसूनी गतिविधि दर्ज की जाएगी. राजधानी भोपाल, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतुल, नरसिंहपुर और पांढुर्णा सहित 35 से अधिक जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी किया गया है, जहाँ मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर चलता रहेगा. लगातार हो रही इस बारिश के चलते भोपाल और इंदौर समेत कई बड़े शहरों के दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है.
प्रशासन ने सभी जिला कलेक्टरों और आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF) को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।












