बेंगलुरु: दक्षिण भारत के सबसे अहम राज्य कर्नाटक की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। लंबे समय से चल रही सियासी खींचतान और अटकलों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के तुरंत बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कांग्रेस आलाकमान (हाईकमान) के निर्देश और निर्णय का सम्मान करते हुए अपना त्यागपत्र सौंपा है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद कर्नाटक कांग्रेस और सरकार में नए नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है।
ब्रेकफास्ट मीटिंग का वीडियो वायरल; शिवकुमार ने छुए पैर इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा के बीच आज सुबह मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक हाई-प्रोफाइल ‘ब्रेकफास्ट मीटिंग’ (नाश्ता बैठक) का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में राज्य के डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार, सिद्धारमैया के पैर छूकर भावुक अंदाज में उनका आशीर्वाद लेते हुए नजर आ रहे हैं। सिद्धारमैया ने भी मुस्कुराते हुए शिवकुमार की पीठ थपथपाई और उन्हें गले लगाया। राजनैतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बंद कमरे में हुई इस मुलाकात और इस वीडियो के सामने आने के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि प्रदेश की कमान अब डी.के. शिवकुमार के हाथों में सौंपी जा सकती है।
आलाकमान का फॉर्मूला और भविष्य की रणनीति कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि यह बदलाव किसी आंतरिक विवाद का नतीजा नहीं है, बल्कि चुनाव के समय आलाकमान द्वारा तय किए गए ‘पावर शेयरिंग फॉर्मूले’ (Power Sharing Formula) के तहत उठाया गया कदम है। सिद्धारमैया ने कहा कि वे पार्टी के एक अनुशासित सिपाही हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए आगे भी काम करते रहेंगे। वहीं, डी.के. शिवकुमार के पैर छूने वाले वीडियो को कांग्रेस खेमा एकजुटता के प्रतीक के रूप में पेश कर रहा है, ताकि विपक्ष को गुटबाजी का आरोप लगाने का कोई मौका न मिले। बहरहाल, राजभवन में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

















