मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में कोर्ट में आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी पति समर्थ सिंह को लेकर रोज़ नए और बड़े खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि वारदात के बाद से ही समर्थ सिंह देश के किसी दूसरे हिस्से में नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में ही पिछले 10 दिनों से छिपा हुआ था। पुलिस अब उन मददगारों और शरणदाताओं की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने इस हाई-प्रोफाइल मामले के ₹30,000 के इनामी आरोपी को पनाह दी थी।
क्राइम सीन का दोबारा री-क्रिएशन करेगी भोपाल पुलिस जबलपुर कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लिए जाने के बाद भोपाल पुलिस की स्पेशल टीम समर्थ सिंह को लेकर भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उसी अपार्टमेंट में पहुँचने वाली है, जहाँ ट्विशा का शव मिला था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना की कड़ियों को आपस में जोड़ने और समर्थ के बयानों की सच्चाई परखने के लिए क्राइम सीन का दोबारा बारीकी से मुआयना (Re-examine) किया जा रहा है। फोरेंसिक टीम (FSL) की मौजूदगी में पूरी घटना का री-क्रिएशन (Scene Re-creation) भी किया जा सकता है, ताकि यह साफ हो सके कि उस रात फ्लैट के भीतर असल में क्या हुआ था।
बयानों और कड़ियों को मिलाने की चुनौती हाल ही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (MP High Court) द्वारा ट्विशा के शव का एम्स दिल्ली (AIIMS-Delhi) के डॉक्टरों से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दिए जाने के बाद पुलिस पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने का भारी दबाव है। मृतका के भाई मेजर हर्षित शर्मा का आरोप है कि समर्थ ने अपने परिवार के रसूख का इस्तेमाल कर सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की है। पुलिस अब समर्थ के मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स और फ्लैट से मिले फिंगरप्रिंट्स का मिलान कर रही है ताकि कोर्ट में एक मजबूत चार्जशीट दाखिल की जा सके।

















