मध्य प्रदेश के महाकौशल क्षेत्र से देश की राजधानी दिल्ली के लिए सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। रेलवे प्रशासन ने गाड़ी संख्या 22181/22182 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस को पुराने पारंपरिक (ICF) कोचों की जगह अत्याधुनिक एलएचबी (Linke Hofmann Busch) कोचों के साथ चलाने का निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था आगामी 30 मई, 2026 से प्रभावी हो जाएगी, जिससे यात्रियों का सफर पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगा।
क्या होंगे बड़े बदलाव और फायदे? अब तक श्रीधाम एक्सप्रेस में इस्तेमाल होने वाले नीले रंग के पारंपरिक कोचों को हटाकर उनकी जगह जर्मनी की तकनीक पर आधारित लाल रंग के आधुनिक LHB कोच लगाए जाएंगे। इन नए कोचों की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- बढ़ी हुई सुरक्षा: एलएचबी कोचों में ‘एंटी-टेलीस्कोपिक’ तकनीक होती है, जिसके कारण दुर्घटना की स्थिति में डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते और जनहानि का खतरा न्यूनतम हो जाता है।
- अधिक आरामदायक सफर: इन कोचों में आधुनिक हाइड्रोलिक सस्पेंशन और डिस्क ब्रेक सिस्टम होता है, जिससे सफर के दौरान झटके और आवाज (Noise) बहुत कम महसूस होती है।
- गति में इजाफा: हल्के होने के कारण ये कोच 130 से 160 किमी/घंटे की रफ्तार पर भी पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर रहते हैं, जिससे भविष्य में ट्रेन का रनिंग टाइम कम होने की संभावना बढ़ जाती है।
30 मई से नई रेक के साथ रवानगी पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) के अनुसार, जबलपुर से प्रस्थान करने वाली श्रीधाम एक्सप्रेस 30 मई को नए एलएचबी रेक के साथ रवाना होगी, जबकि निजामुद्दीन से वापसी में यह ट्रेन 31 मई से नए रूप में चलेगी। इस ट्रेन में एसी-1, एसी-2, एसी-3, स्लीपर और जनरल क्लास के नए कोच शामिल किए जाएंगे। रेलवे के इस कदम से गर्मी के इस पीक सीजन में यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

















