नई दिल्ली/भोपाल। देश के सरकारी विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालयों की गंभीर कमी को लेकर हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इस स्थिति को “शर्मनाक” करार देते हुए संबंधित सरकार से जवाब तलब किया है।
अदालत ने कहा कि 21वीं सदी में भी अगर बालिकाओं को स्कूल में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिल रही तो यह न केवल उनके सम्मान और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि उनके स्कूल छोड़ने की सबसे बड़ी वजहों में से एक भी है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि शौचालयों की कमी के कारण हजारों लड़कियां स्कूल जाना बंद कर देती हैं, जो उनके भविष्य और शिक्षा के अधिकार पर सीधा प्रहार है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी भी देश के हजारों सरकारी स्कूलों में या तो शौचालय नहीं हैं या जो हैं वे जर्जर हालत में हैं। हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि तय समय सीमा के भीतर सभी विद्यालयों में बालिकाओं के लिए कार्यात्मक शौचालय सुनिश्चित किए जाएं।
मामले की अगली सुनवाई जल्द होगी।

















