मध्य भारत के राज्यों—मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान—में पिछले कुछ दिनों से जारी कड़ाके की ठंड और शीतलहर से अब राहत मिलने लगी है। 9 फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इन राज्यों में आसमान साफ हो गया है और दिन के तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि, सुबह और रात की हल्की गुलाबी ठंड अभी भी बनी हुई है।
यहाँ राज्यों के अनुसार विस्तृत मौसम अपडेट दिया गया है:
| राज्य | दिन का मौसम (Max Temp) | रात का मौसम (Min Temp) | मौसम की स्थिति |
| मध्य प्रदेश | 26°C – 31°C | 9°C – 14°C | मौसम मुख्य रूप से शुष्क; धूप तेज। |
| राजस्थान | 27°C – 31°C | 5°C – 12°C | दिन में गर्मी का अहसास; रातें अब भी ठंडी। |
| छत्तीसगढ़ | 28°C – 32°C | 12°C – 16°C | न्यूनतम तापमान में 2-3°C की वृद्धि; कोहरा साफ। |
फरवरी के दूसरे सप्ताह में प्रवेश करते ही मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। [Image showing a clear blue sky over central India with people wearing light winter clothes]
1. मध्य प्रदेश: दिन में तपिश, रात में गलन राजधानी भोपाल और इंदौर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन में तेज धूप खिलने से ठंड का असर कम हो गया है। खंडवा और खरगोन जैसे जिलों में पारा 31°C को पार कर गया है। हालांकि, ग्वालियर-चंबल संभाग में अभी भी सुबह के वक्त हल्का कोहरा देखा जा रहा है, लेकिन शीतलहर की स्थिति अब नहीं है।
2. राजस्थान: दोहरे मौसम का अहसास राजस्थान में बाड़मेर और जालौर जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 31°C तक पहुँच गया है, जिससे दिन में गर्मी महसूस होने लगी है। फतेहपुर (सीकर) जैसे स्थानों पर न्यूनतम तापमान अब भी 5°C के आसपास बना हुआ है, जिससे “दोहरे मौसम” (दिन गर्म, रात ठंडी) के कारण स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है।
3. छत्तीसगढ़: गर्मी की समय से पहले दस्तक छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। राजधानी रायपुर में रात का पारा 16°C के करीब पहुँच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक हफ्ते तक यहाँ तापमान में गिरावट की कोई संभावना नहीं है, बल्कि गर्मी और बढ़ने के संकेत हैं।
4. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, लेकिन इसका असर मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। मध्य भारत के मैदानी इलाकों (MP, CG, राजस्थान) में इसका प्रभाव केवल आंशिक बादलों के रूप में दिख सकता है, जिससे ठंड के दोबारा लौटने की संभावना कम है।
















