मानसून के इस सीजन में देश के मौसम मिजाज में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। वरिष्ठ पत्रकार और मौसम विशेषज्ञ दिनेश सोलंकी की खास रिपोर्ट के अनुसार, इस समय भारतीय उपमहाद्वीप पर एक साथ तीन मजबूत मौसमी चक्र (Cyclonic Circulations & Weather Systems) सक्रिय हो चुके हैं।
इस त्रिस्तरीय मौसमी दबाव के कारण देश के आधा दर्जन राज्यों में अति-भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) का दौर शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश की बात करें तो प्रदेश के विशेष रूप से दक्षिण-पश्चिमी जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश के मजबूत आसार बने हुए हैं।
1. देश में एक साथ तीन मौसमी चक्रों का प्रभाव
मौसम विशेषज्ञ दिनेश सोलंकी के अनुसार, वायुमंडल में बने तीन अलग-अलग सिस्टम आपस में मिलकर मानसूनी हवाओं को प्रचंड नमी दे रहे हैं:
- पहला सिस्टम (बंगाल की खाड़ी): बंगाल की खाड़ी के ऊपरी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) गहरा गया है, जो ओडिशा और छत्तीसगढ़ के रास्ते मध्य भारत की ओर नमी खींच रहा है।
- दूसरा सिस्टम (अरब सागर व गुजरात तट): उत्तर-पूर्वी अरब सागर और गुजरात के तटीय इलाकों पर एक चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Storm System) बना हुआ है, जिससे पश्चिमी हवाएं तेज हो गई हैं।
- तीसरा सिस्टम (मानसून ट्रफ): मुख्य मानसून ट्रफ लाइन इस समय राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है, जिससे बादलों का जमावड़ा और घना हो गया है।
2. मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट
दिनेश सोलंकी की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटों तक बादलों की जोरदार आवाजाही बनी रहेगी:
- दक्षिण-पश्चिमी मप्र में भारी बारिश: इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, झाबुआ और अलीराजपुर जिलों में गरज-चमक के साथ तेज से भारी बारिश होने की संभावना है।
- महाकौशल और नर्मदापुरम अंचल: छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, हरदा और नर्मदापुरम जिलों में मध्यम से तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।
- भोपाल और चंबल संभाग: राजधानी भोपाल, सीहोर, विदिशा और ग्वालियर-चंबल संभाग में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ेंगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
3. देश के अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
- महाराष्ट्र और गुजरात: कोंकण, गोवा, मुंबई और दक्षिण गुजरात में समुद्र से आ रही नम हवाओं के चलते ऑरेंज/रेड अलर्ट जारी किया गया है।
- राजस्थान और उत्तर भारत: पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश होगी, जबकि दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।
- पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) और नदियां उफान पर रहने की चेतावनी दी गई है।
विशेषज्ञ सलाह (दिनेश सोलंकी): दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश के किसान भाई और आम नागरिक जलभराव (Waterlogging) वाले निचले इलाकों से सतर्क रहें और नदी-नालों के पास जाने से बचें। आगामी 2 दिनों तक आकाशीय बिजली (Lightning) कड़कने की आशंका अधिक है।












