उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने 6 जनवरी 2026 को ‘विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण’ (SIR) के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की है। इस प्रक्रिया में राज्य की मतदाता सूची में बड़ी सफाई की गई है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट आई है। अब चुनाव आयोग का लक्ष्य उन करोड़ों पात्र लोगों को जोड़ना है जो वर्तमान में सूची से बाहर हैं।
| श्रेणी | संख्या / विवरण |
| कुल नाम हटाए गए (Deleted) | 2.89 करोड़ |
| मृत मतदाता | 46.23 लाख |
| लापता/शिफ्ट हुए मतदाता | 2.17 करोड़ |
| डुप्लीकेट एंट्री | 25.47 लाख |
| मौजूदा कुल मतदाता | 12.55 करोड़ (करीब 81.30%) |
चुनाव आयोग ने माना है कि शुद्धिकरण के बाद अब 3.62 करोड़ ऐसे पात्र लोग हो सकते हैं जो उम्र या अन्य मानकों के आधार पर मतदाता बनने के योग्य हैं, लेकिन सूची में शामिल नहीं हैं।
मिशन ‘एक माह’:
- दावा और आपत्ति (6 जनवरी – 6 फरवरी 2026): अगले एक महीने तक प्रदेश भर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें छूटे हुए लोग फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
- युवाओं पर फोकस: 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं (जिनका जन्म 1 जनवरी 2008 या उससे पहले हुआ है) को प्राथमिकता दी जाएगी।
- विशेष कैंप: इस एक महीने के दौरान निर्वाचन कार्यालय द्वारा मतदान केंद्रों (Booths) पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहाँ बीएलओ (BLO) मौजूद रहेंगे।
- ऑनलाइन सुविधा: मतदाता ‘Voter Helpline App’ या चुनाव आयोग के पोर्टल के जरिए घर बैठे अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
अंतिम प्रकाशन: यह अभियान 6 फरवरी तक चलेगा, जिसके बाद प्राप्त आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी। आयोग का कहना है कि इस कवायद का उद्देश्य ‘कोई भी मतदाता न छूटे’ के संकल्प को पूरा करना और एक पारदर्शी एवं सटीक मतदाता सूची तैयार करना है।















