महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों ठाकरे ब्रदर्स के संभावित ‘रियूनियन’ को लेकर चर्चाएं तेज हैं। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के एक साथ आने की अटकलों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इसी बीच इस मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक आनंद दुबे का बयान सामने आया है।
आनंद दुबे ने कहा कि अगर ठाकरे ब्रदर्स वास्तव में एक मंच पर आते हैं, तो यह मराठी राजनीति के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं का राजनीतिक आधार अलग-अलग रहा है, लेकिन मराठी अस्मिता ऐसा साझा मुद्दा है, जो उन्हें करीब ला सकता है।
आनंद दुबे के मुताबिक, ठाकरे परिवार का एकजुट होना केवल भावनात्मक नहीं बल्कि रणनीतिक फैसला भी हो सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर यह रियूनियन होता है, तो इसका सीधा असर भाजपा, शिंदे गुट और कांग्रेस सहित पूरे विपक्षी समीकरण पर पड़ेगा।
हालांकि, आनंद दुबे ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी इसे पक्का गठबंधन मानना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में कई बार संकेत दिए गए, लेकिन अंतिम फैसले तक पहुंचते-पहुंचते समीकरण बदल जाते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले नगर निकाय और विधानसभा चुनावों को देखते हुए ठाकरे ब्रदर्स का साथ आना विपक्ष के लिए नई ताकत बन सकता है। वहीं, जनता भी इस संभावित रियूनियन को दिलचस्प नजरों से देख रही है।















