देश की राशन वितरण प्रणाली और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) को तकनीक से लैस कर पारदर्शी बनाने की दिशा में 14 अगस्त 2026 को बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी पंजाब और हरियाणा के संयुक्त दौरे पर रहेंगे।
इस दौरान दोनों केंद्रीय मंत्री चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत देश की पहली सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित DBT प्रणाली का भव्य शुभारंभ करेंगे।
क्या है CBDC-आधारित DBT और कैसे लाएगा क्रांति?
- ई-रुपया (e₹) में मिलेगा खाद्य अनुदान: चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली देश के पहले ऐसे केंद्र शासित प्रदेश बनने जा रहे हैं, जहाँ खाद्य सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के CBDC डिजिटल वॉलेट (डिजिटल रुपया) में ट्रांसफर की जाएगी।
- पर्पस-बाउंड (Purpose-Bound) टोकन: डिजिटल करेंसी की खासियत ‘प्रोग्रामेबिलिटी’ होगी, यानी लाभार्थी इस राशि का उपयोग केवल अधिकृत राशन दुकानों (Empanelled Merchants) से गेहूं और चावल खरीदने के लिए ही कर सकेंगे। इससे लीकेज और फंड के डायवर्जन पर पूर्ण विराम लगेगा।
अजीजपुर में किसानों से चौपाल संवाद और धांड साइलो का निरीक्षण
चंडीगढ़ में लॉन्चिंग कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री हरियाणा के क्षेत्रों का दौरा कर कृषि एवं भंडारण व्यवस्था की समीक्षा करेंगे:
- अजीजपुर गांव में किसान संवाद: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अजीजपुर गांव पहुंचकर किसानों के साथ सीधी चौपाल लगाएंगे। इस दौरान वे प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं पर सीधे संवाद करेंगे।
- धांड (कैथल) FCI साइलो का निरीक्षण: खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी और शिवराज सिंह चौहान धांड स्थित आधुनिक एफसीआई (FCI) साइलो का विस्तृत निरीक्षण करेंगे। वे अनाज भंडारण की अत्याधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक रखरखाव और सप्लाय चेन (Supply Chain) की समीक्षा करेंगे ताकि खाद्यान्न की बर्बादी रोकी जा सके।












