नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए केंद्र सरकार पर निशान साधते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा दिलाकर सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकती।
राहुल गांधी ने आंदोलनकारी छात्रों और युवाओं की तीन प्रमुख मांगों को ‘नॉन-नेगोशिएबल’ (Non-Negotiable – जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता) बताते हुए सरकार से तुरंत एक्शन लेने की मांग की है।
राहुल गांधी की तीन ‘नॉन-नेगोशिएबल’ मांगें:
- NEET परीक्षा का पारदर्शी पुनरायोग (Re-Exam): प्रभावित लाखों योग्य परीक्षार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।
- संसद में कड़ा ‘एंटी-पेपर लीक कानून’ (Anti-Paper Leak Law): आगामी सत्र में ही पेपर लीक माफियाओं और लापरवाही बरतने वाली निजी एजेंसियों के खिलाफ सख्त सजा और भारी जुर्माने वाला कानून पास किया जाए।
- NTA का पुनर्गठन व स्वतंत्र न्यायिक जांच: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मौजूदा ढांचे को भंग कर पूरे घोटाले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए।
“लाखों परिवारों के सपनों से हुआ खिलवाड़” — राहुल गांधी
जंतर-मंतर पर छात्र संगठन (CJP) और युवाओं के जारी आंदोलन का समर्थन करते हुए राहुल गांधी ने कहा:
राहुल गांधी ने कहा: “देश के करोड़ों युवाओं की वर्षों की मेहनत और उनके माता-पिता की गाढ़ी कमाई को पेपर लीक माफिया के हवाले कर दिया गया। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का सबूत है कि धांधली हुई थी। लेकिन हमारा और देश के युवाओं का संघर्ष तब तक खत्म नहीं होगा जब तक कि इन तीन बुनियादी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। हम संसद के भीतर और सड़क पर छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं।”
संसद के मानसून सत्र में हंगामे के आसार
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और अब राहुल गांधी के इस कड़े रुख के बाद साफ हो गया है कि आगामी संसद सत्र में नीट धांधली और राष्ट्रीय परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों को लेकर विपक्षी दल सरकार को बुरी तरह घेरने की रणनीति बना चुके हैं।












